ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिहार के पीएमसीएच, आइजीआइएमएस व पटना एम्स सहित कई निजी अस्पतालों में इंफ्लेमेट्री सिंड्रोम से ग्रसित बच्चे भर्ती हैं जिनका इलाज किया जा रहा हैं। ऐसे में बिहारवाशियों को सावधान रहने की जरुरत हैं।
डॉक्टरों की मानें तो जिन बच्चों को कोविड हुआ है या जिनके घर में कोई कोरोना पॉजिटिव हैं उन्हें ये बीमारी ज्यादा हो रही हैं। सीआरपी यानी सी रिएक्टिव प्रोटीन और डी डाइमर आदि की मात्रा जिन बच्चों में बढ़ी हुई है वो बच्चे इस बीमारी के ज्यादा शिकार हो रहे हैं।
क्या है लक्षण: इंफ्लेमेट्री सिंड्रोम होने पर बुखार रहता हैं। डायरिया, शरीर में लाल दाने व चकत्ते के अलावा आंखें लाल आदि हो जाते हैं। अगर किसी बच्चे के शरीर में ये लक्षण दिखे तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें और जल्द से जल्द इलाज कराये।

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