वहीं, प्रपत्र- 3 में पारिवारिक सूची भरकर देना है, यानि की इसमें वंशावली की जानकारी देनी हैं। साथ ही बताना है की उस जमीन के कितने उत्तराधिकारी हैं। इन दोनों फॉर्म को भरकर जमीन की जमाबंदी, खतियान, रसीद, केवाला आदि दस्तावेज की कॉपी के साथ इसे सर्वे शिविर में जमा करना हैं।
बता दें की आपके दिए गए जमीन के दस्तावेज में किसी तरह के गलत होने पर इस मामले की जांच सीओ के माध्यम से होगी। यानी सर्वे अधिकारियों द्वारा सीओ से सत्यापन कराया जाएगा। किसी तरह के गड़बड़ी होने पर 3 बार आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा।
बिहार में ऐसे भरें जमीन सर्वे का पूरा फॉर्म, जानिए?
1 .फॉर्म में सबसे ऊपर राजस्व गांव का नाम लिखे, इसके बाद थाना नंबर, फिर हल्का नंबर और फिर पुलिस थाना, अंचल और जिला का नाम लिखे।
2 .अब आप रैयत का नाम और सभी हिस्सेदारों के साथ पिता का नाम लिखे।
3 .अब स्थाई पता लिखे।
4 .अब भूमि का ब्यौरा में खाता, खसरा, रकवा, चौहदी, किस्म जमीन, सेंस को छोड़कर लगान की डिटेल्स लिखे।
5 .अब जमाबंदी संख्या लिखे, भूमि पर दवा का आधार लिखे, अभियुक्त अगर कोई हो तो लिखे।
6 .अब सबसे नीचे स्थान, तिथि, रैयत का सिग्नेचर/ अंगूठे का निशान और मोबाइल नंबर, आधार नंबर दर्ज करें।
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