गंभीर बीमारी है? बिहार सरकार देगी 5 लाख तक की मदद!

पटना। बिहार के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष योजना के तहत गंभीर और लाइलाज बीमारियों के इलाज के लिए ₹20 हजार से ₹5 लाख तक की वित्तीय सहायता देने की व्यवस्था की है। इस पहल का मकसद है कि पैसों की कमी किसी भी मरीज के जीवन और इलाज में बाधा न बने।

कौन-कौन सी बीमारियां शामिल हैं?

इस योजना में 14 प्रमुख गंभीर और असाध्य बीमारियों को शामिल किया गया है। इनमें प्रमुख हैं: कैंसर, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, हृदय रोग, किडनी ट्रांसप्लांट, कूल्हा रिप्लेसमेंट, मस्तिष्क, एड्स, हेपेटाइटिस, एसिड अटैक पीड़ितों का इलाज, ट्रांसजेंडर सर्जरी, कोकलियर इंप्लांट। विशेष परिस्थितियों में अन्य गंभीर बीमारियां भी शामिल।

मिलने वाली राशि कितनी है?

सहायता राशि बीमारी की गंभीरता और इलाज के खर्च के अनुसार तय की जाती है। सामान्य मामलों में ₹20 हजार से ₹1 लाख तक, जबकि हृदय रोग के इलाज में लगभग ₹1 लाख, वहीं कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट जैसी गंभीर बीमारियों में ₹3 लाख से ₹5 लाख तक की राशि मिलती हैं।

योजना का लाभ कौन ले सकता है?

इस योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो बिहार के स्थायी निवासी है और पारिवारिक वार्षिक आय ₹2.50 लाख या उससे कम हैं। बीपीएल श्रेणी के परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। 

कहाँ कराया जा सकता है इलाज?

बिहार के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में करवा सकते हैं। अगर मरीज की परेशानी बड़ी है और उसे बिहार से बाहर रेफर किया जाता है, तो CGHS मान्यता प्राप्त अस्पतालों में भी इसका लाभ लिया जा सकता है। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन संबंधित जिला पदाधिकारी (DM) या स्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में जमा करना होता है। वहीं, दिल्ली में इलाज के लिए बिहार भवन के माध्यम से भी आवेदन किया कर सकते हैं।

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