केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, ग्रामीण भारत के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय ग्रामीण विकास तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में देशभर की स्वयं-सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान विकसित भारत–गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) - जी राम जी अधिनियम, 2025 का विस्तार से परिचय कराया।

महिलाओं को प्राथमिकता:

मंत्री ने स्पष्ट किया कि इस योजना के तहत कम से कम एक-तिहाई लाभार्थी महिलाएं होंगी। इसके लिए एकल महिलाओं को विशेष ‘ग्राम रोजगार गारंटी कार्ड’ जारी किए जाएंगे, जिससे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर काम मिलेगा। इस कदम से ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सम्मान दोनों मिलेगा।

125 दिन रोजगार की गारंटी:

मनरेगा योजना की जगह लाई गई जी राम जी योजना में ग्रामीण मजदूरों को अब 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाएगा। अगर किसी कारण से काम मिलने में देरी होती है, तो बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान भी अधिनियम में शामिल है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी रोजगार और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

ग्रामीण विकास और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर:

योजना के तहत जल संरक्षण, ग्रामीण अवसंरचना विकास, पशुपालन आधारित आजीविका और सतत विकास जैसे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जरूरतों के अनुसार पंचायतों में कार्यों का आवंटन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण क्षेत्र में समग्र विकास सुनिश्चित हो।

महिला लाभार्थियों के लिए विशेष सुविधाएं:

शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि योजना में क्रेच सुविधाएं, शिकायत निवारण तंत्र का सशक्तीकरण, महिला मुखिया परिवारों के लिए व्यक्तिगत परिसंपत्तियों का निर्माण जैसी प्राथमिकताएं शामिल हैं। इससे ग्रामीण महिलाएं काम के साथ-साथ अपनी व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों को भी पूरा कर सकेंगी।

जी राम जी योजना के क्या है लक्ष्य और महत्व?

मंत्री ने कहा कि जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव लाएगी और हर गांव को विकास का केंद्र बनाएगी। योजना के सही क्रियान्वयन से ग्रामीण पलायन में कमी आने की उम्मीद है और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आजीविका के अवसर बढ़ेंगे।

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