इस हाईवे के निर्माण में एक महत्वपूर्ण काम बिजली की ट्रांसमिशन लाइनों का स्थानांतरण है। एनएचएआई ने अब सभी पोल लगाने की जगहों को पक्का कर दिया है। हापुड़ से आने वाले पोलों को जमीन में मजबूत पाइलिंग करके स्थापित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, अगले लगभग 70 दिनों में बिजली की लाइनें नए पोलों पर ट्रांसफर कर दी जाएंगी और उसके बाद गर्डर लगाने का काम शुरू होगा।
एनएचएआई ने शेष निर्माण कार्य को जल्दी और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के लिए अतिरिक्त टीमों को लगाया है। जनवरी और फरवरी के महीनों में फिनिशिंग कार्य पूरे दिन-रात निगरानी में किए जा रहे हैं। प्राधिकरण ने पीएमओ को भी जानकारी दी है कि मार्च 2026 तक एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन संभव है।
नए एक्सप्रेस-वे पर यात्रियों के लिए कई सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। रेस्टोरेंट, पेट्रोल पंप और अन्य जरूरी सेवाएं लगाई जा रही हैं। यह हाईवे 63 किलोमीटर लंबा है और इसे पूरी तरह पार करने में केवल 40 मिनट का समय लगेगा। इससे लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा तेज़ और सुविधाजनक होगी।
यह एक्सप्रेस-वे न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। तेज़, सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस यह हाईवे यूपी की सड़क यातायात व्यवस्था में एक बड़ी उपलब्धि साबित होने जा रहा है।
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