बिहार में 12-13 साल की लड़कियां बनीं SP और DM, लिए ये बड़े फैसले

न्यूज डेस्क: आपको बता दें की बिहार में सीतामढ़ी जिले के डिस्ट्रिक्ट कलेक्ट्रोरेट ऑफिस में उस वक्त अजीबोगरीब नजारा दिखा जब कुछ स्कूल की 12 -13 साल की लड़कियां डीएम (डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट) की कुर्सी पर बैठकर ताबड़तोड़ ऑर्डर देती नजर आईं। इन स्कूली छात्राओं की प्रशासन चलाने की क्षमता को देखने के लिए डीएम ऑफिस में लोगों का तांता लग गया। 
दरअसल 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मद्देनजर चार दिवसीय कार्यक्रम 'मीट द कलेक्टर' के अंतर्गत इन छात्राओं को एक दिन के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सीतामढ़ी की डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा ने स्कूली छात्रों को सशक्त बनाने और प्रेरित करने के लिए यह सुझाव दिया था। 

म्यूनिसिपल मिडल स्कूल की 7वीं कक्षा की छात्रा सुंदरम प्रिया ने कस्बे में लंबित बहुत से विकास कार्यों की खबर ली। 13 साल की प्रिया ने अधीनस्थ अधिकारियों को उन्हें पूरा करने के निर्देश दिए। 

डीएम अभिलाषा कुमारी शर्मा ने कहा, 'मैंने औपचारिक तौर पर पहले प्रिया को पूरे स्टाफ से मिलवाया और उसे अपने चैंबर में ले गई। यहीं उसने कार्यभार संभाला। उसने पूरे विश्वास के साथ और बिना किसी हिचकिचाहट के मीडियाकर्मियों से बातचीत की। उसने सड़कों की खस्ता हालत को लेकर चिंता जाहिर की। उसने संबंधित अधिकारियों को इस पर कार्रवाई करने के लिए कहा। मैंने एक दिन का कार्यभार सौंपने के लिए उसे एक औपचारिक पत्र भी दिया।' 

एक दिन की SP,
सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (एसपी) की कुर्सी पर बैठकर गवर्नमेंट मिडल स्कूल की कक्षा 6 की छात्रा प्रभा कुमारी ने तो रिगा पुलिस स्टेशन के एसएचओ को डांट तक लगा दी। 12 साल की प्रभा ने एसएचओ को चेतावनी भी दी कि अगर लोगों की समस्या नहीं सुलझाई गई तो कड़ी कार्रवाई होगी। 

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