खबर के अनुसार सीएम नीतीश ने ने शुक्रवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कार्यों की एक अणे मार्ग में समीक्षा बैठक की, इस दौरान उन्होंने पदाधिकारियों को कई तरह के निर्देश दिये। ताकि जमीन सर्वे के काम को जल्द से जल्द पूरा किया जा सकें।
आपको बता दें की बिहार के मुंगेर, पश्चिमी चंपारण, नालंदा, शेखपुरा, मधेपुरा, सुपौल, बेगूसराय, सहरसा, जमुई, कटिहार, लखीसराय, बांका, पूर्णिया, खगड़िया, शिवहर, अररिया, सीतामढ़ी, अरवल, जहानाबाद और किशनगंज में जमीन सर्वे का काम चल रहा हैं। स्पेशल सर्वे का कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जायेगा।
नालंदा, पूर्णिया, मधेपुरा सहित 20 जिलों में चल रहा जमीन सर्वे, जानिए इसके फायदे?
1 .जमीन सर्वे होने से जमीन से सम्बंधित सभी प्रकार की परेशानियां दूर हो जाएगी। जो जिसकी जमीन हैं वो उसके बाद होगा।
2 .जमीन से सम्बंधित लड़ाई-झगड़े की समस्या दूर होगी। साथ ही साथ कोई व्यक्ति दूसरे की जमीन पर फर्जी कागज बनाकर कब्ज़ा नहीं कर सकेगा।
3 .जमीन का नया खतियान बनाया जायेगा जो खतियान जीवित रैयत के नाम से होगा।
4 .जमीन की खरीद बिक्री होने पर खतियान भी लगातार अपडेट होता रहेगा।
5 .जमीन सर्वे के बाद आप ऑनलाइन के द्वारा जमीन की डिटेल्स प्राप्त कर सकेंगे।
6 .जमीन सर्वे के बाद जमीन का नया नक्शा भी तैयार किया जायेगा।
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