बता दें की गुजरात से कुपोषण को दूर करने के लिए 2018-19 से 2022-23 तक पोषण अभियान के तहत केंद्र सरकार ने गुजरात को 304 करोड़ रुपये दिए थे, जिसमें से 296 करोड़ रुपये खर्च किये जा चुके हैं। लेकिन फिर भी कोई सुधार नहीं आया हैं।
खबर के अनुसार राज्य में 5 साल से कम उम्र के 79.7% बच्चों में खून की कमी है। जबकि 25.1 फीसदी अविकसित और 39.7 फीसदी कम वजन वाले बच्चे हैं। 5 वर्ष से कम उम्र के 1.5 लाख बच्चे बौनेपन (ऊंचाई के अनुसार कम वजन) का शिकार हैं।
गुजरात के पंचमहल, दाहोद, नर्मदा सबसे अधिक कुपोषित बच्चे हैं। जबकि दाहोद, तापी, डांग में कुपोषित महिलाओं की संख्या ज्यादा हैं। गुजरात में 15-49 आयु वर्ग की 1.26 करोड़ महिलाएं भी एनीमिया से पीड़ित हैं, यानि की इनके शरीर की खून की कमी हैं।

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