एग्जिट पोल्स का कुल अनुमान
रिपब्लिक भारत के एग्जिट पोल के अनुसार, भाजपा को 35 से 40 सीटें मिल सकती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी को 32 से 37 सीटों तक सिमटने का अनुमान है।
चाणक्य स्ट्रॅटेजीस का अनुमान है कि भाजपा को 39 से 44 सीटें मिल सकती हैं, जबकि आम आदमी पार्टी की सीटों की संख्या घटकर 25 से 28 के बीच रह सकती है।
ये आंकड़े दिल्ली के चुनावी मैदान में भाजपा के मजबूत पुनर्निर्माण का संकेत देते हैं, और आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखे जा रहे हैं।
भाजपा का बढ़ता प्रभाव
दिल्ली में भाजपा का प्रभाव कई वर्षों से बढ़ता जा रहा है, और एग्जिट पोल्स में इसका स्पष्ट रूप से प्रतिबिंब दिखाई दे रहा है। एक समय था जब दिल्ली में भाजपा की सत्ता काफी कमजोर हो गई थी, लेकिन भाजपा के प्रचार, उनके केंद्रीय नेतृत्व का जोर और मोदी सरकार की योजनाओं ने दिल्ली के मतदाताओं में एक नया उत्साह भर दिया है।
पार्टी ने 'विकास' और 'आत्मनिर्भर भारत' के मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है, जिससे दिल्ली में भाजपा का ग्राफ ऊंचा हुआ है। इसके साथ ही भाजपा ने अपनी जड़ें दिल्ली में मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर कैंपेन चलाया है, जिसका असर एग्जिट पोल्स में नजर आ रहा है।
आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका
दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के लिए एग्जिट पोल्स में राहत की कोई बात नहीं है। 2020 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने जबरदस्त प्रदर्शन किया था और 70 में से 62 सीटों पर जीत हासिल की थी। लेकिन अब एग्जिट पोल्स के मुताबिक, उनकी सीटें आधी से भी कम होने की संभावना है।
आम आदमी पार्टी ने अपनी सरकार की उपलब्धियों को बढ़-चढ़कर पेश किया था, लेकिन इन चुनावों में दिल्लीवासियों की प्राथमिकताएं बदलती हुई दिखाई दी हैं। दिल्ली में आम आदमी पार्टी की राजनीति और कामकाजी मॉडल पर सवाल उठाए गए हैं, विशेषकर शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली के मुद्दों पर। इसके साथ ही भाजपा ने राज्य सरकार के कामकाज को लेकर कई आक्रामक आरोप लगाए, जो अब तक उनके खिलाफ साबित हो रहे हैं।
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