एक्सप्रेसवे का रूट और इसके महत्व
इस एक्सप्रेसवे का रूट अब स्पष्ट हो गया है। बक्सर से भागलपुर तक का यह 360 किलोमीटर लंबा मार्ग पटना, मोकामा और मुंगेर होते हुए भागलपुर तक जाएगा। पहले के प्रस्ताव में यह योजना बक्सर से डुमरांव, पीरो, अरवल, जहानाबाद और नवादा होते हुए भागलपुर तक जाने की थी। हालांकि, अब रूट में बदलाव हुआ है और यह एक्सप्रेसवे सीधे पटना-मोकामा-मुंगेर होते हुए भागलपुर तक पहुंचेगा।
एक्सप्रेसवे का तकनीकी पक्ष
बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण, पुराने मार्गों के अपग्रेडेशन के रूप में किया जाएगा, न कि नए ग्रीनफील्ड मार्ग के रूप में। यह निर्णय केंद्र सरकार ने लिया है, जिसके तहत पहले से मौजूद सड़कों को फोरलेन में बदला जाएगा। इस एक्सप्रेसवे का लगभग 280 किलोमीटर हिस्सा पहले से ही चार लेन में है, जबकि मोकामा से मुंगेर तक के 78.5 किलोमीटर हिस्से को फोरलेन बनाने का कार्य अभी जारी है। इस क्षेत्र में डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार की जा रही है, और एलाइनमेंट भी फाइनल हो चुका है।
इस सड़क का प्रस्तावित लागत।
इस एक्सप्रेसवे परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,750 करोड़ रुपये है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से बक्सर और भागलपुर के बीच यात्रा करने में लगने वाले समय में महत्वपूर्ण कमी आएगी, जिससे दोनों शहरों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्रीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस एक्सप्रेसवे का लाभ न केवल बक्सर और भागलपुर के निवासियों को मिलेगा, बल्कि यह बिहार के अन्य क्षेत्रों के लोगों के लिए भी विकास के नए द्वार खोलेगा। इसके चलते राज्य में एक नई आर्थिक और सामाजिक हलचल पैदा होने की संभावना है, जो बिहार के समग्र विकास में सहायक साबित होगी।

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