यूपी में बढ़ेगी शराब की कीमतें, कैबिनेट की मंजूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में शराब की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी दे दी है, साथ ही शराब की दुकानों के संचालन से जुड़े कई अहम बदलावों का ऐलान किया है। राज्य सरकार की नई आबकारी नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है, जो अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 से प्रभावी होगी। इस नीति के तहत शराब के आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए ई-लाटरी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा और लाइसेंस फीस में 10 प्रतिशत की वृद्धि होगी।

शराब की कीमतों में वृद्धि

नई आबकारी नीति के अंतर्गत शराब की कीमतों में वृद्धि होगी। सरकार ने इसे एक रणनीतिक कदम के रूप में पेश किया है, जिससे न सिर्फ शराब की बिक्री में वृद्धि हो, बल्कि इससे राज्य के खजाने में भी बढ़ोतरी हो सकेगी। इस कदम का उद्देश्य शराब की बिक्री से 55000 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करना है। हालांकि, यह कदम शराब प्रेमियों के लिए एक झटका हो सकता है, लेकिन सरकार का दावा है कि इससे राज्य के विकास कार्यों के लिए धन जुटाने में मदद मिलेगी।

ई-लाटरी प्रणाली का संचालन

अब तक शराब की दुकानें राज्य सरकार द्वारा निर्धारित मानकों पर संचालित होती थीं, लेकिन नई नीति के तहत शराब की दुकानों का आवंटन ई-लाटरी के माध्यम से किया जाएगा। इससे पारदर्शिता आएगी और दुकानें किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और पक्षपाती व्यवहार से मुक्त रहेंगी। यह कदम सरकारी कर्मचारियों और दुकानदारों के बीच संभावित संलिप्तता को कम करने का प्रयास है।

शराब और बीयर के लिए एक ही दुकान

एक अन्य बड़ा बदलाव यह है कि अब उत्तर प्रदेश में शराब और बीयर की बिक्री के लिए एक ही दुकान से इनकी खरीदारी की जा सकेगी। यह कदम शराब और बीयर की दुकानों के संचालन को सरल और सुविधाजनक बनाने के लिए लिया गया है। इससे उपभोक्ताओं को एक ही स्थान पर दोनों प्रकार की शराब खरीदने का अवसर मिलेगा, जो पहले अलग-अलग दुकानों से उपलब्ध होती थीं।

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