यूपी में रोड कनेक्टिविटी का विस्तार, इन जिलों को लाभ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी का विस्तार एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है, क्योंकि यह न केवल यातायात को सुगम बनाएगा बल्कि इन क्षेत्रों में आर्थिक और सामाजिक विकास को भी तेज़ करेगा। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर इस महत्वाकांक्षी योजना की जानकारी दी, जिससे प्रदेश के कई जिलों में सड़क निर्माण और उन्नति के कई नए अवसर बनेंगे।

आगरा-अलीगढ़ मार्ग की उन्नति:

नितिन गडकरी ने बताया कि आगरा-अलीगढ़ पैकेज-1 और पैकेज-2 के लिए 31 करोड़ रुपये की लागत से 65 किलोमीटर लंबी सड़क मार्ग को मंजूरी दी गई है। यह मार्ग दोनों शहरों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और यातायात की गति में सुधार करेगा। यह कदम उन क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या को भी कम करेगा, जहां पहले लंबी दूरी तय करने में घंटों लग जाते थे। इस परियोजना से न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि व्यापारिक गतिविधियाँ भी बढ़ेंगी।

बदायूं-बरेली मार्ग पर बड़ी परियोजना:

बदायूं और बरेली के बीच पैकेज-4 के लिए 2100 करोड़ रुपये की लागत से 39 किलोमीटर लंबा मार्ग बनाया जाएगा। यह परियोजना इन दोनों शहरों को जोड़ने में सहायक होगी, जिससे इन क्षेत्रों में उद्योगों और व्यवसायों के लिए नया रास्ता खुलेगा। इसके अलावा, इस मार्ग के विस्तार से स्थानीय निवासियों को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा, जिससे उनके दैनिक जीवन में भी सुधार आएगा।

रायबरेली-जौनपुर मार्ग पर महत्वपूर्ण सुधार:

रायबरेली से जौनपुर के बीच एक महत्वपूर्ण मार्ग का निर्माण होगा, जिसमें 1300 करोड़ रुपये की लागत से लालगंज अजहरा, मोहनगंज और रानीगंज में ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण किया जाएगा। यह बाईपास इस मार्ग की सुरक्षा और सुगमता को बढ़ाएगा, जिससे इन क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं की दर कम होगी और लोगों को कम समय में अपनी मंजिल तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

बरेली में बाईपास का किया जायेगा निर्माण:

बरेली में 1100 करोड़ रुपये की लागत से 29 किलोमीटर लंबा बाईपास निर्माण किया जाएगा। इससे शहर में घनत्व बढ़ने से होने वाली समस्याओं का समाधान होगा और बरेली में व्यापार और पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस बाईपास का निर्माण शहर के भीतर ट्रैफिक की भारी भीड़ को कम करेगा, जिससे लोगों को यात्रा के दौरान अधिक परेशानी नहीं होगी।

कोदरकूट से बेला तक चार-लेन सड़क का निर्माण:

कोदरकूट से बेला तक 920 करोड़ रुपये की लागत से 26 किलोमीटर लंबी चार-लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस सड़क की मदद से ट्रांसपोर्ट और लाजिस्टिक्स सेक्टर को और बेहतर गति मिलेगी, जिससे उत्तर प्रदेश के इन क्षेत्रों में व्यापार को एक नई दिशा मिलेगी।

मुंगराबादशहापुर में दो-लेन बाईपास का होगा निर्माण:

मुंगराबादशहापुर में 200 करोड़ रुपये की लागत से दो-लेन बाईपास को मंजूरी दी गई है। यह बाईपास शहर के यातायात को सुगम बनाएगा, साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराएगा। जिससे लोगों को आने-जाने में सुविधा होगी।

सीआरआईएफ और सेतुबंधन योजनाओं के अंतर्गत प्रस्ताव:

इसके अलावा, केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा प्रदेश में 1,000 करोड़ रुपये के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिनमें लखनऊ क्षेत्र के चार प्रस्ताव शामिल हैं। सेतुबंधन योजना के तहत आरओबी (रेलवे ओवरब्रिज) के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इस कदम से रेलवे क्रॉसिंगों के पास यातायात की गति बेहतर होगी और समय की बचत होगी।

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