शहरी क्षेत्रों में पार्क की आवश्यकता
आजकल शहरी क्षेत्रों में आबादी तेजी से बढ़ रही है, लेकिन पार्क और खुले स्थानों की कमी हो रही है। इस कारण, बच्चों, बुजुर्गों और अन्य नागरिकों के लिए ताजगी पाने और प्राकृतिक वातावरण में समय बिताने के लिए कोई उचित स्थान नहीं बचा है। पार्क न केवल शहरी जीवन को हरियाली से भरते हैं, बल्कि यह नागरिकों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी महत्वपूर्ण हैं।
बिहार के नगर विकास सचिव ने बताया कि इस दिशा में कदम उठाते हुए सभी नगर निकायों को कम-से-कम एक नया पार्क बनाने का निर्देश दिया गया है। इस निर्णय के पीछे मुख्य उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना है। खासकर शहरों में बच्चों, बुजुर्गों और युवाओं को शारीरिक गतिविधियां करने के लिए जगह मिल सकेगी।
पार्कों के लिए भूमि चयन और अन्य प्रावधान
हर पार्क के लिए कम-से-कम पांच एकड़ भूमि चिह्नित की जानी अनिवार्य है। भूमि चयन के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पार्क ऐसे स्थानों पर बनाए जाएं, जहां नागरिकों की आसान पहुंच हो और यह स्थान शहर के बीचों-बीच या अन्य व्यस्त इलाकों में स्थित हो। विभाग ने नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के अधिकारियों को पार्क के लिए स्थान चयन करने के लिए निर्देश दिए हैं, ताकि पार्कों का निर्माण बिना किसी बाधा के तेजी से हो सके।
इसके अलावा, बिहार सरकार जल-जीवन-हरियाली मिशन या अन्य संबंधित मदों से पार्क निर्माण के लिए वित्तीय सहायता भी प्रदान करेगी। यह योजना न केवल नागरिकों के लिए एक हरा-भरा स्थान सुनिश्चित करेगी, बल्कि जलसंसाधन के संरक्षण और तालाबों तथा कुंआओं के पुनर्निर्माण की दिशा में भी कदम उठाएगी।

0 comments:
Post a Comment