हालांकि रूस का दावा आकर्षक लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह दावे पूरी तरह से सही नहीं हैं। सबसे पहली बात यह कि Su-57 की संख्या अभी बहुत कम है, और इसे अब तक युद्ध में इस्तेमाल नहीं किया गया है। इसके विपरीत, अमेरिका का F-35 फाइटर जेट दुनिया भर के कई देशों की वायुसेना में उपयोग हो रहा है और इसका प्रदर्शन वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में किया जा चुका है।
विशेषज्ञों की राय:
विशेषज्ञों के अनुसार, रूसी Su-57 का क्रॉस-सेक्शन (अर्थात, रडार द्वारा पकड़े जाने वाला आकार) F-35 से कहीं बड़ा है, और इसमें खुले इंजन होने की वजह से यह भी रडार के लिए अधिक स्पष्ट होता है। न्यू हेवन यूनिवर्सिटी के राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रोफेसर डॉ. मैथ्यू श्मिट ने कहा, "Su-57 असल में पिछली पीढ़ी का फाइटर जेट है। यह F-35 की तुलना में कम विकसित है और इसकी तकनीक अमेरिका और चीन से भी काफी पीछे है।"
वहीं, F-35 अपनी स्टील्थ तकनीक, सेंसर और सामरिक लचीलापन के कारण अधिक प्रभावी है। इसके अलावा, F-35 का व्यापक उपयोग और इसकी वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में सफलता इसे एक स्थिर और विश्वसनीय विकल्प बनाती है। इसलिए, Su-57 को अत्यधिक उन्नत मानना अभी जल्दबाजी होगी, और यह देखने के लिए और समय चाहिए कि रूसी जेट वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में कैसा प्रदर्शन करता है।

0 comments:
Post a Comment