IVF से बच्चे करने में कितना खर्च आता है? डॉक्टर से समझें

हेल्थ डेस्क: IVF (In Vitro Fertilization) एक मेडिकल प्रक्रिया है, जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को लैब में मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है और फिर उसे महिला की कोख में प्रत्यारोपित किया जाता है। यह प्रक्रिया उन कपल्स के लिए होती है, जो प्राकृतिक रूप से गर्भधारण में असमर्थ होते हैं। 

IVF की प्रक्रिया

अंडाणु उत्पादन: पहले, महिला को ओवुलेशन स्टिमुलेटिंग दवाइयाँ दी जाती हैं, ताकि उसके अंडाणु अधिक संख्या में बन सकें। यह प्रक्रिया आमतौर पर 10-12 दिनों तक चलती है। इस दौरान, महिला की रक्त जांच और अल्ट्रासाउंड किया जाता है ताकि अंडाणु की स्थिति का पता चल सके।

अंडाणु का संग्रह: जब अंडाणु पूर्ण रूप से विकसित हो जाते हैं, तब महिला से अंडाणु को बाहर निकाला जाता है। इसे 'अंडाणु आस्पिरेशन' कहते हैं। यह प्रक्रिया साधारणत: एक हल्की सर्जरी के रूप में की जाती है और इसमें एनेस्थीसिया की आवश्यकता होती है।

शुक्राणु का संग्रह और संलयन: पुरुष से शुक्राणु का संग्रह किया जाता है। फिर, लैब में अंडाणु और शुक्राणु को एक साथ मिलाकर भ्रूण तैयार किया जाता है। अगर पुरुष में शुक्राणु की कमी हो, तो 'ICSI' तकनीक का उपयोग किया जाता है, जिसमें एक शुक्राणु को सीधे अंडाणु में इंजेक्ट किया जाता है।

भ्रूण का विकास: अंडाणु और शुक्राणु के संलयन के बाद भ्रूण का विकास होता है। लैब में भ्रूण की निगरानी की जाती है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह सही तरीके से विकसित हो रहा है। इस दौरान 3 से 5 दिनों तक भ्रूण की वृद्धि देखी जाती है।

भ्रूण का गर्भाशय में प्रत्यारोपण: जब भ्रूण अच्छा विकसित हो जाता है, तो उसे महिला के गर्भाशय में डाला जाता है। यह प्रक्रिया सामान्यतः बहुत ही हल्की और दर्द रहित होती है। इस प्रक्रिया के बाद, महिला को कुछ हफ्तों तक आराम करने की सलाह दी जाती है।

गर्भावस्था का परीक्षण: करीब 2 हफ्तों बाद, महिला का प्रेगनेंसी टेस्ट किया जाता है। यदि टेस्ट सकारात्मक होता है, तो महिला गर्भवती मानी जाती है।

IVF का समय

IVF प्रक्रिया पूरी होने में लगभग 6 सप्ताह का समय लगता है, जिसमें अंडाणु का संग्रहण, भ्रूण का विकास और गर्भाशय में प्रत्यारोपण शामिल होते हैं। इसके बाद, महिला का गर्भावस्था टेस्ट लिया जाता है। हालांकि IVF का सफलता दर सामान्य रूप से 30-40% तक होता है, लेकिन यह हर जोड़े के लिए अलग हो सकता है।

IVF का खर्च

IVF की लागत अस्पताल, शहर और उपचार की जटिलता पर निर्भर करती है। सामान्यत: भारत में IVF का खर्च 1.5 लाख रुपए से 2 लाख रुपए तक आता है। यह खर्च उपचार, दवाइयों, टेस्ट और अस्पताल के चार्जेस को शामिल करता है। अगर एक प्रयास में गर्भधारण नहीं होता, तो दूसरी बार भी उपचार का खर्च देना पड़ता है, जो कुल मिलाकर 2 लाख से 5 लाख तक हो सकता है।

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