पुल के साथ ही एप्रोच पथ का निर्माण भी किया जाएगा, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। इस प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए विभाग ने सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। कार्यस्थल पर जमीन की स्थिति का आकलन किया जा रहा है और रैयतों के विवरण तैयार किए जा रहे हैं। इसी आधार पर जिला भू-अर्जन कार्यालय को अधियाचना सौंपी जाएगी।
इस पुल का निर्माण पारू को सारण जिले के तरैया से सीधे जोड़ देगा, जिससे दोनों क्षेत्रों के बीच दूरी कम हो जाएगी। वर्तमान में पारू के लोगों को सारण जाने के लिए अतिरिक्त 20 किलोमीटर की यात्रा करनी पड़ती है, जो पुल बनने के बाद घट जाएगी। इससे न केवल यात्रा में समय की बचत होगी बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा।
वरीय परियोजना अभियंता आलोक कुमार ने बताया कि फिलहाल परियोजना शुरुआती चरण में है और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। एप्रोच पथ के लिए आवासीय और खेती की जमीन का अधिग्रहण आवश्यक हो सकता है। इसके निर्माण से छपरा और सिवान होते हुए गोपालगंज से उत्तर प्रदेश की ओर आसान कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।

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