नया रजिस्ट्री प्रोसेस
इस नई व्यवस्था के तहत खरीदार को सबसे पहले ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाना होगा। लॉग-इन के बाद जमीन से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां भरनी होंगी। इसमें शामिल हैं:
रजिस्ट्री ऑफिस का नाम
अंचल और मौजा
थाना और खाता-खेसरा नंबर
जमीन का रकबा और चौहदी
जमाबंदी नंबर और धारक का नाम
जमीन का प्रकार और खरीद-बिक्री करने वालों का विवरण
कुल मिलाकर 13 महत्वपूर्ण जानकारियां भरनी होंगी।
जमीन की स्थिति की जांच
जानकारी भरने के बाद पोर्टल पर खरीदार को विकल्प मिलेगा कि क्या वह जमीन की मौजूदा स्थिति जानना चाहता है। अगर हां चुनता है, तो आवेदन सीधे अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व कर्मचारियों के पास पहुंच जाएगा। अधिकारी 10 दिनों के भीतर जमीन की स्थिति की जांच करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट तुरंत खरीदार के अकाउंट में दिखेगी। साथ ही, अपडेट की सूचना एसएमएस के जरिए भी मिलेगी।
विवाद और धोखाधड़ी पर रोक
इस कदम से जमीन से जुड़ी फर्जीवाड़ा, विवाद और धोखाधड़ी पर रोक लगेगी। खरीदार पहले ही जान पाएगा कि जमीन पर कोई बकाया, कानूनी अड़चन या विवाद तो नहीं है। सरकार का उद्देश्य है कि जमीन खरीदने वाले को सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों मिलें। अब खरीदार निश्चिंत होकर जमीन खरीद सकता है, क्योंकि पहले ही पूरी जानकारी और सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया ज्यादा भरोसेमंद और विवाद मुक्त होने की उम्मीद है।

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