1. न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना
कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम मूल वेतन को वर्तमान ₹18,000 से बढ़ाकर ₹54,000 करने का प्रस्ताव रखा है। विशेषज्ञों का मानना है कि वास्तविक संशोधित वेतन इससे कुछ कम, लगभग ₹41,000 से ₹51,480 के बीच तय हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो निचले वेतन स्तर के कर्मचारियों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा और उनकी क्रय शक्ति में उल्लेखनीय सुधार आएगा।
2. फिटमेंट फैक्टर में संभावित संशोधन
7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। इस बार इसे 2.86 से 3.25 के बीच तय करने की मांग उठ रही है। यदि सरकार 3.00 या उससे अधिक का फिटमेंट फैक्टर स्वीकृत करती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में सीधे 30 से 34 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। यह वेतन संरचना में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है।
3. महंगाई भत्ते (DA) का मूल वेतन में विलय
कर्मचारी संगठनों, जिनमें Federation of National Postal Organisations (FNPO) भी शामिल है, ने 50 प्रतिशत महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित करने की मांग की है। प्रस्ताव है कि इसे 1 जनवरी 2026 से अंतरिम राहत के रूप में लागू किया जाए। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो कर्मचारियों की मूल सैलरी में स्थायी बढ़ोतरी दर्ज होगी और आगे के डीए की गणना भी बढ़े हुए आधार पर होगी।
4. पेंशन में उल्लेखनीय इजाफा
पेंशनभोगियों के लिए भी राहत की उम्मीद है। न्यूनतम पेंशन को ₹9,000 से बढ़ाकर लगभग ₹25,740 तक किए जाने की चर्चा है। इसके अलावा, कर्मचारी संगठन सेवा अवधि के दौरान कम से कम पांच पदोन्नतियां सुनिश्चित करने की नीति पर जोर दे रहे हैं। यदि यह लागू होता है, तो सेवानिवृत्ति के समय अंतिम वेतन अधिक होने से पेंशन भी स्वतः बढ़ेगी।
5. आयोग की सक्रियता और सुझाव प्रक्रिया
सरकार ने हितधारकों से सुझाव आमंत्रित करने के लिए आधिकारिक प्रश्नावली जारी की है, जिसकी अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 निर्धारित की गई है। साथ ही आयोग के संचालन के लिए डायरेक्टर और अंडर सेक्रेटरी जैसे पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होना यह संकेत देता है कि तैयारियां चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ रही हैं।

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