FNPO ने लिखी विशेष मांग
फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स (FNPO) ने 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को पत्र लिखकर कहा है कि 1 जनवरी, 2026 से 50% DA को बेसिक सैलरी में मर्ज किया जाए। संगठन ने यह भी सुझाव दिया कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतरिम राहत दी जाए ताकि आर्थिक बोझ कम हो सके।
DA मर्जर के पहले के उदाहरण
पिछले वेतन आयोगों में भी DA के विलय का इतिहास रहा है:
4th CPC (1986): महंगाई भत्ता बढ़ा, DA का हिस्सा बेसिक पे में मर्ज किया गया।
5th CPC (1996): 50% DA को DP में विलय किया गया, जिससे पेंशन और भत्तों की गणना में शामिल किया गया।
6th CPC (2006): DA को नई पे बैंड + ग्रेड पे संरचना में शामिल किया गया।
इन उदाहरणों से स्पष्ट है कि महंगाई भत्ते का विलय कर्मचारियों के लंबे समय के वित्तीय हित में किया गया था।
महंगाई भत्ते में नई बढ़ोतरी की संभावना
वर्तमान में पेंशनर्स को मिलने वाला DA/DR 58% है। इसके साथ ही जल्द ही 2% की अतिरिक्त बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। हालांकि सरकार ने साफ किया है कि इस बार DA को बेसिक सैलरी में मर्ज नहीं किया जाएगा, लेकिन कर्मचारी संगठन इसकी मांग कर रहे हैं।
क्यों है DA का विलय जरूरी?
FNPO का कहना है कि महंगाई भत्ता सीधे कर्मचारियों के जीवन-यापन की लागत से जुड़ा है। लगातार बढ़ती मुद्रास्फीति से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की क्रय शक्ति कमजोर हुई है। DA का बेसिक पे में विलय करने से: भत्तों, पेंशन और ग्रेच्युटी में वृद्धि होगी, लंबी अवधि की वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित होगी, कर्मचारियों और पेंशनर्स की वास्तविक मजदूरी में संतुलन आएगा।
कर्मचारियों की उम्मीदें
कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि अंतरिम राहत के रूप में DA का हिस्सा बेसिक पे में तुरंत मर्ज किया जाए, ताकि 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने तक कर्मचारियों और पेंशनर्स को आर्थिक लाभ मिल सके। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह कदम लागू होता है तो यह न केवल तत्काल वित्तीय राहत देगा बल्कि कर्मचारियों की लंबी अवधि की आर्थिक सुरक्षा भी मजबूत करेगा।

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