अमेरिका के आगे कितनी देर टिक पायेगा ईरान, जानें दोनों की सैन्य ताकत

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच यह सवाल बार-बार उठ रहा है की ईरान, अमेरिका के सामने कितनी देर टिक पाएगा? इस प्रश्न का उत्तर केवल सैनिकों और हथियारों की संख्या से नहीं, बल्कि रणनीति, भूगोल, तकनीक और युद्ध की प्रकृति से भी तय होगा।

वैश्विक सैन्य रैंकिंग और बजट

वैश्विक फायरपावर सूचकांक में अमेरिका पहले स्थान पर है, जबकि ईरान लगभग 16वें स्थान पर।

रक्षा बजट: अमेरिका करीब 895 अरब डॉलर खर्च करता है, जबकि ईरान का बजट लगभग 15 अरब डॉलर है। यह अंतर दिखाता है कि तकनीक, रिसर्च और आधुनिक हथियारों में अमेरिका को भारी बढ़त है।

मानव संसाधन और पारंपरिक ताकत

सक्रिय सैनिक: अमेरिका के पास लगभग 13.3 लाख सक्रिय सैनिक हैं, जबकि ईरान के पास लगभग 6.1 लाख।

टैंक: अमेरिका के पास 4,600 से अधिक आधुनिक टैंक हैं, ईरान के पास लगभग 2,675।

वायुसेना: अमेरिका के पास 13,000 से अधिक विमान (जिनमें अत्याधुनिक F-35 और F-22 जैसे स्टील्थ फाइटर शामिल) हैं, जबकि ईरान के पास करीब 550 विमान हैं, जिनमें अधिकांश पुराने मॉडल हैं।

नौसैनिक शक्ति

अमेरिका की नौसेना दुनिया की सबसे शक्तिशाली मानी जाती है। 11 एयरक्राफ्ट कैरियर और 66 पनडुब्बियां उसे वैश्विक स्तर पर शक्ति प्रक्षेपण की क्षमता देती हैं। इसके विपरीत ईरान के पास 100 से अधिक नौसैनिक संपत्तियां हैं, जिनमें अधिकतर तेज रफ्तार छोटी नावें और तटीय सुरक्षा संसाधन शामिल हैं।

अमेरिका की विशेष सैन्य बढ़त

अमेरिका के पास स्टील्थ बमवर्षक जैसे B-2 Spirit और लंबी दूरी की Tomahawk क्रूज मिसाइलें हैं, जो सटीक हमले करने में सक्षम हैं। क्षेत्र में तैनात विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln और USS Gerald R. Ford अमेरिका को तुरंत जवाबी कार्रवाई की ताकत देते हैं।

ईरान की असली रणनीति: असममित युद्ध

ईरान सीधे पारंपरिक युद्ध में अमेरिका का मुकाबला नहीं कर सकता, लेकिन उसकी ताकत असममित युद्ध में है। ईरान के पास मध्य पूर्व का बड़ा बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइल जखीरा है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 2,500 किमी तक बताई जाती है।

“ड्रिजल रणनीति” के तहत छोटे-छोटे मिसाइल और ड्रोन हमलों की लगातार बौछार कर वह विरोधी की हवाई सुरक्षा प्रणाली को थकाने की कोशिश करता है। फारस की खाड़ी का भूगोल संकरा समुद्री मार्ग और तटीय मिसाइल तैनाती ईरान को रक्षात्मक बढ़त देता है।

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