EPF की दर का पिछले कुछ वर्षों का रुझान
पिछले दस सालों में EPF की ब्याज दर में मामूली गिरावट देखी गई है। वर्ष 2015-16 में यह 8.8 प्रतिशत थी, जो धीरे-धीरे 8.25 प्रतिशत पर स्थिर हो गई। मार्च 2022 में यह दर 8.10 प्रतिशत तक गिर गई थी, जो पिछले कई दशकों में सबसे कम थी।
हालांकि, इसके बावजूद EPF अब भी सबसे भरोसेमंद और जोखिम-मुक्त निवेश विकल्पों में गिना जाता है। वित्त वर्ष 2023-24 में ब्याज दर को 8.15 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.25 प्रतिशत किया गया, और अब 2025-26 के लिए इसे यथावत रखा गया है। यह स्थिरता कर्मचारियों को आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी भरोसा देती है।
वित्त मंत्रालय की अंतिम मंजूरी बाकी
CBT (केंद्रीय न्यासी बोर्ड) के निर्णय के बाद इसे वित्त मंत्रालय की स्वीकृति मिलना बाकी है। जैसे ही सरकार की अनुमति प्राप्त होगी, यह ब्याज दर सात करोड़ से अधिक EPF खाताधारकों के अकाउंट में लागू हो जाएगी।
जानकारों का मानना है कि मौजूदा आर्थिक हालात में 8.25 प्रतिशत की दर कर्मचारियों के लिए संतुलित और सुरक्षित रिटर्न प्रदान करती है। इस कदम से खाताधारक निवेश की योजना आसानी से बना सकते हैं और भविष्य के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित कर सकते हैं।

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