हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो जब कोई महिला गर्भवती होती हैं तो गर्भावस्था में उसे उस इस बात की चिंता लगी रहती हैं की उसका होने वाला शिशु कितना वजन का होगा। वो शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ होगा या नहीं। आज इसी संदर्भ में मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे की जन्म के समय शिशु का वजन कितना होना चाहिए। साथ हीं साथ ये भी जानने की कोशिश करेंगे की वजन कम रहने से शिशु के शरीर पर क्या प्रभाव पड़ता हैं। तो आइयें जानते हैं विस्तार से की जन्म के समय शिशु का वजन कितना होना चाहिए।
1 .मेडिकल साइंस के एक अध्ययन के अनुसार जन्म के समय बच्चे का औसत वजन 3500 ग्राम यानि की 3.5 किलो होता हैं। इस वजन वाले बच्चे शारीरिक और मानसिक तौर पर सबसे स्वस्थ और फ़िट होते हैं। इनके शरीर का इम्यून सिस्टम सबसे मजबूत होता हैं तथा इन बच्चे में बीमारी होने के चांस भी कम होते हैं। साथ हीं साथ इन्हे केयर करने की ज़रूरत भी कम पड़ती हैं। इनका शारीरिक विकास भी अच्छे तरीकों से होता हैं। इनके विकास में कोई बाधा नहीं आती हैं।
2 .यदि जन्म के समय किसी शिशु का वजन 1500 ग्राम यानि की 1.5 किलो हो या फिर इससे कम हो तो इस बच्चे को सबसे कमजोर बच्चा माना जाता हैं। इन्हे जन्म के समय बहुत ज्यादा देख भाल की ज़रूरत होती हैं। कई बार डॉक्टर इन बच्चे को एनआईसीयू में रखने की सलाह देते हैं ताकि इन्हे किसी भी प्रकार की कोई परेशानी ना हो। इन बच्चे का इम्यून सिस्टम बहुत कमजोर होता हैं। जिसके कारण ये बच्चे बहुत जल्दी बीमार पड़ जाते हैं।
3 .जन्म के समय अगर किसी शिशु का वजन 2.5 किलो से 3.5 किलो के बीच हैं तो इन बच्चे को नॉर्मल बच्चा माना जाता हैं। इनका स्वास्थ अच्छा रहता हैं और इनकी शारीरिक और मानसिक स्थिति भी ठीक रहती हैं। साथ हीं साथ इनका विकास भी अच्छे तरीकों से होता हैं। लेकिन इन बच्चे को समय समय पर डॉक्टर से चेकअप कराना ज़रूरी माना जाता हैं। क्यों की कई बार इनके हड्डियों के विकास में बाधा आती हैं। जिससे बच्चा खुद को कमजोर महसूस करना।
4 .मेडिकल साइंस के अनुसार शिशु के वजन का निर्धारण माता पिता के अनुवांशिकता के आधार पर होता हैं। लेकिन कुछ बच्चे जो समय से पहले जन्म ले लेते हैं। उनका वजन कम होता हैं और जिन बच्चे का जन्म समय पर या समय से कुछ दिन बाद होता हैं। उनका वजन औसतन बच्चों के मुकाबले ज्यादा हो सकता हैं। इसलिए गर्भवती महिला को गर्भावस्था में इसका ख्याल रखना चाहिए और डॉक्टर से सलाह लेते रहना चाहिए।
5 .गर्भावस्था के दौरान खाए गए पौष्टिक आहारों पर भी बच्चे का वजन निर्भर करता हैं। गर्भावस्था के समय जिन महिलाओं के शरीर में आयरन, कैल्शियम, विटामिन और मिनरल्स की कमी होती हैं। उनके शिशु का वजन कम होता हैं और जो महिलाएं स्वस्थ रहती हैं तथा जिनके शरीर में किसी भी चीज की कमी नहीं होती हैं। उनके बच्चे का वजन नॉर्मल और सही रहता हैं। इसलिए गर्भवती महिला को गर्भावस्था में पौष्टिक आहारों का सेवन प्रतिदिन करना चाहिए।

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