न्यूज डेस्क: भारत में नागरिकता कानून को लेकर अभी भी विरोध प्रदर्शन जारी हैं। इसी कानून को लेकर दिल्ली में भड़की हिंसा में लगभग 40 से ज्यादा लोगों ने अपनी जान गवाई। वहीं इस हिंसा में 200 से ज्यादा लोगों के घायल होने की भी खबर आई। फिलहाल इस हिंसा को लेकर देश के कई नेताओं ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया प्रकट की। इसे लेकर पहली बार पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने भी अपनी बात रखी
हिंसा के दौरान दिल्ली के सीएम केजरीवाल सहित गृह मंत्री अमित शाह तथा पीएम मोदी ने भी लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की थी। आपको यह भी बता दें हिंसा की वजह से दिल्ली में कई लोग बेघर भी हो गए। फिलहाल हिंसा को लेकर ही पहली बार पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपनी चुप्पी तोड़ एक बड़ा बयान दिया है।
एक अंग्रेजी अखबार में लिखे लेख में पूर्व पीएम ने कहा, भारत जिसे हम जानते और संजोते हैं उसका स्वरूप तेजी से बिगड़ रहा है। स्थिति बहुत गंभीर है। उन्होंने दिल्ली सांप्रदायिक हिंसा का जिक्र करते हुए कहा, सांप्रदायिक तनाव और समाज के अनियंत्रित वर्गों द्वारा फैलाई गई धार्मिक असहिष्णुता की लपटें देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा, कानून और व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्थाओं ने अपना ‘धर्म’ छोड़ दिया है। न्यायिक संस्थाएं और लोकतंत्र का चौथा खंभा कहने जानी वाली मीडिया भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करने में विफल साबित हुई हैं। यह भारत के इतिहास में सबसे बुरा समय है। देश की सरकार को इसपर चिंता जाहिर करनी चाहिए।

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