न्यूज डेस्क: भारत में पास हुआ नागरिकता कानून की चर्चा पूरी दुनिया में होने लगी हैं। दुनिया के कुछ देश जैसे अमेरिका, इजराइल, फ़्रांस, रूस इसे भारत का अंदुरुनी मामला बता कर भारत के साथ हैं तो वहीं दुनिया के कुछ देश भारत के खिलाफ भी हो गए हैं।
ब्रिटेन की संसद में उठा CAA का मुद्दा
ब्रिटेन के हाउस ऑफ कॉमन्स में दिल्ली हिंसा पर तीखी बहस हुई. लेबर पार्टी के पाकिस्तानी मूल के सांसद खालिद महमूद ने ब्रिटेन की सरकार पर भारत पर दबाव बनाने की मांग की. इसके जवाब में ब्रिटेन के विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय (एफसीओ) के राज्य मंत्री निजेल एडम्स ने कहा कि ब्रिटेन भारत के साथ बातचीत कर रहा है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन सरकार सीएए के असर को लेकर भी चिंतित है. भारत सरकार से करीबी रिश्तों की वजह से हम मुश्किल मुद्दों पर चर्चा कर पाते हैं और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लेकर अपनी चिंताएं स्पष्ट कर पाते हैं. हम इन पर करीब से नजर रख रहे हैं और भारत सरकार को अपनी चिंताओं से अवगत कराते रहेंगे.
ईरान की प्रतिक्रिया।
अब तक ईरान भारत से अपने संबंध मजबूत करने पर जोर देता रहा है. हालांकि, अमेरिका के प्रतिबंध लगाने के बाद भारत-ईरान के व्यापारिक संबंध प्रभावित हुए हैं. ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खुमैनी ने दिल्ली में भड़की हिंसा की कड़ी निंदा करते हुए मोदी सरकार की आलोचना की है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘भारत में मुसलमानों के नरसंहार पर दुनियाभर के मुसलमानों का दिल दुखी है. भारत सरकार को कट्टर हिंदुओं और उनकी पार्टियों को रोकना चाहिए. उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर भारत इस्लामी दुनिया की ओर से अलग-थलग होने से बचना चाहता है तो उसे मुसलमानों के नरसंहार को रोकना होगा।

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