दिल्ली हिंसा पर ब्रिटेन का भारत के खिलाफ बयान, कहा बंद करो...

न्यूज डेस्क: नागरिकता कानून को लेकर दिल्ली में हुयी हिंसा पर दुनिया के कई देश भारत की आलोचना कर रहें तो कई देश कुछ भी कहने से बच रहें हैं। मलेशिया, तुर्की और ईरान के बाद अब भारत के आंतरिक मामलों में ब्रिटेन का नाम जुड़ गया है। वास्तव में, ब्रिटेन सरकार पाकिस्तानी मूल के एक सांसद के जाल में फंस गई और उसने भारत के मामले में हस्तक्षेप करने की कोशिश की। जो भारत को बिल्कुल भी पसंद नहीं हैं। 
आपको बता दें की ब्रिटेन की हाउस ऑफ कॉमन्स में, विपक्षी लेबर पार्टी के पाकिस्तानी मूल के सांसद खालिद महमूद द्वारा भारत में हाल ही में हुई हिंसा पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में, ब्रिटेन के विदेश और राष्ट्रमंडल कार्यालय के मंत्री ने कहा कि निज़ाम एडम्स ने कहा कि ब्रिटेन मानवाधिकारों की तलाश करेगा। भारत से अन्य मामलों पर बातचीत कर रहे हैं।

भारत के एक कंजर्वेटिव पार्टी के सांसद ने ऐसी बातों का विरोध किया और कहा कि न केवल एक पक्ष बल्कि दिल्ली में हाल ही में हुई हिंसा में दोनों पक्षों के लोग मारे गए हैं। पाकिस्तानी मूल के सांसद की कोशिश यह थी कि ब्रिटेन कुछ और भड़काऊ बयान दे, इसीलिए उन्होंने इस मामले को एकतरफा पेश किया।

भारत इस तरह के मामलों में सक्रिय है। ब्रिटेन के मंत्री निज़ल एडम्स के बयान से भारत खफा है और भारत ने भी उन्हें उसी तरह से जवाब दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि इस तरह की टिप्पणी तथ्यात्मक रूप से गलत है, और राजनीतिक एजेंडे से प्रेरित है। इस संवेदनशील समय में हम लोगों से गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणी नहीं करने का आग्रह करेंगे। भारत अपने आंतरिक मामले में किसी का भी हस्तछेप बर्दास्त नहीं करेगा। 

0 comments:

Post a Comment