ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिहार में पढ़े लिखे बेरोजगारों की संख्या में भी तेजी के साथ बढ़ोत्तरी हुई हैं। युवाओं को नौकरी नहीं मिलने से उनकी परेशानी बढ़ती जा रही हैं। बिहार में 78 प्रतिशत बेरोजगार ग्रेजुएशन फर्स्ट ईयर से पोस्ट ग्रेजुएट वाले हैं।
बता दें की पिछले मई महीने में ही राज्य में बेरोजगारों की तादाद करीब 1.35 लाख बढ़ी हैं। सबसे बड़ी बात यह है की राष्ट्रीय बेरोजगारी दर 11.9% है तो वहीं बिहार में बेरोजगारी दर 13.8% हैं। यहां ग्रामीण इलाकों से ज्यादा शहरी इलाकों में बेरोजगारी बढ़ी हैं।
बिहार में बढ़ती बेरोजगारी पर राज्य के युवा गुस्से में हैं तथा सरकार और उसकी नीतियों को दोषी मानते हैं। युवाओं का कहना है की एक तो बिहार में उच्च शिक्षा हासिल करना बहुत मुश्किल हैं और अगर पढ़ाई कर भी ली तो रोजगार मिलना लगभग असंभव हैं।

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