अहमदाबाद : गुजरात में पुश्तैनी जमीन पर किसका अधिकार

अहमदाबाद : गुजरात में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास पुश्तैनी संपत्ति हैं। लेकिन बहुत कम लोगों को इसके बारे में जानकारी होती है की गुजरात में पुश्तैनी संपत्ति पर किसका कितना अधिकार होता हैं। आज इसी विषय में कानून के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे पुश्तैनी जमीन पर अधिकार के बारे में। 

पुश्तैनी जमीन क्या हैं : पुश्तैनी या पैतृक संपत्ति वह संपत्ति है जो आपको आपके पुरखों से विरासत में मिलती है। ऐसी सम्पति पुश्तैनी या पैतृक कहलाती हैं। इस जमीन पर किसी व्यक्ति का जन्म से अधिकार सिद्ध होता हैं। इस अधिकार से आपको कोई भी वंचित नहीं कर सकता हैं।

गुजरात में पुश्तैनी जमीन पर किसका अधिकार?

1 .गुजरात में पुश्तैनी जमीन पर किसी व्यक्ति का जन्म से अधिकार होता हैं। 

2 .पुश्तैनी जमीन में हर पीढ़ी का हिस्सा पहले निर्धारित किया जाता है और बाद की पीढ़ियों के हिस्से को हिस्से से आगे विभाजित किया जाता है। 

3 .पुश्तैनी जमीन पर पिछली पीढ़ी का पहले से दावा होगा। इसका मतलब यह है कि अगली पीढ़ी का दावा पिछली पीढ़ी के हितधारकों के बीच संपत्ति के बंटवारे के बाद होगा। 

4 .हिंदू उत्तराधिकार (संशोधन) अधिनियम 2005 के तहत अब बेटों और बेटियों दोनों को परिवार में सहदायिक माना गया हैं और पुश्तैनी जमीन पर बेटी का भी सामान अधिकार हैं।

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