योजना का उद्देश्य और लाभ
इस योजना का उद्देश्य समाज के एक खास वर्ग को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि उनकी बेटियों की शादी को लेकर उत्पन्न होने वाली वित्तीय समस्याओं का समाधान हो सके। मस्त्य पालकों की बेटियों के विवाह के लिए 35,000 रुपये कन्या के खाते में भेजे जाएंगे, जबकि 16,000 रुपये विवाह के अन्य खर्चों जैसे कपड़े, जेवर, बर्तन आदि के लिए दिए जाएंगे। यह कदम न केवल आर्थिक मदद प्रदान करेगा, बल्कि समाज में महिलाओं की स्थिति को सुधारने की दिशा में भी अहम साबित हो सकता है।
योजना की पात्रता
योजना का लाभ केवल उन्हीं मत्स्य पालकों को मिलेगा, जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपये से कम है और जो कम से कम एक वर्ष से मस्त्य पालन के व्यवसाय में कार्यरत हैं। यह योजना खासतौर पर समाज के उन वर्गों के लिए है, जो पारंपरिक रूप से मस्त्य पालन में संलग्न हैं, जैसे कि मत्स्य आखेटक, केवट, मल्लाह, निष्क्षद, बिंद, धीगर, कश्यप, रैकतार, मांझी, गोडिया, कहार, तुरेहा, और तुराहा समुदाय के लोग।
विवाह के खर्चों में राहत
इस योजना के तहत दी जाने वाली 16,000 रुपये की सहायता से मत्स्य पालकों को अपनी बेटी की शादी के खर्चों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इसमें विवाह कपड़े, जेवर, बर्तन और अन्य आवश्यक खर्च शामिल हैं। इस पहल से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को विशेष लाभ होगा और उनके लिए बेटी की शादी का सपना साकार करना संभव होगा।

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