तबादले के लिए अनिवार्य शर्तें: शिक्षा विभाग ने जिलों के शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) से यह सुनिश्चित करने को कहा है कि जिन शिक्षकों पर विभागीय कार्रवाई, निगरानी जांच, निलंबन या फर्जी नियुक्ति जैसे आरोप हैं, उनका तबादला नहीं किया जाएगा। इसके अलावा, जिनके खिलाफ सरकारी राशि का बकाया है, उनका स्थानांतरण संभव होगा, लेकिन बकाया राशि की वसूली या तो उनके स्थानांतरण से पहले की जाएगी या फिर उनके अंतिम वेतन विपत्र में इसे शामिल किया जाएगा।
शिक्षा विभाग ने 5 फरवरी तक सभी जिलों से इस संबंध में पूरा रिकॉर्ड जमा करने का निर्देश दिया है। इस आदेश के तहत, सभी जिला शिक्षा अधिकारी 5 फरवरी तक अपने जिलों से संबंधित शिक्षकों के मामले की रिपोर्ट जमा करेंगे, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी शिक्षक जिनके खिलाफ कोई लंबित या विवादित मामला है, उनका तबादला न हो।
तबादला प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना: इस कदम का उद्देश्य शिक्षकों के तबादले को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि केवल वे शिक्षक जिनके खिलाफ कोई कानूनी या विभागीय मामला लंबित नहीं है, ही स्थानांतरित हो सकेंगे। यह कार्रवाई शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और ईमानदारी को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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