अमेरिका-चीन के बीच टैरिफ वॉर शुरू, भारत अलर्ट

न्यूज डेस्क: अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर शुरू हो गया हैं। अमेरिका ने चीन पर 10 फीसदी टैरिफ लगाने का निर्णय लिया। इसके बाद अब चीन ने भी अमेरिका पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया हैं। जिससे दुनियाभर के देशों में हड़कंप मच गया हैं।

अमेरिका का 10 फीसदी टैरिफ

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल में ही एलान किया था कि चीन पर 10 फीसदी इंपोर्ट टैरिफ लगाया जाएगा। ट्रंप के फैसले पर चीन ने गहरी आपत्ति जाहिर की थी। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा था की अमेरिका का यह एकतरफा फैसला विश्व व्यापार संगठन के नियमों का उल्लंघन है।

चीन का करारा जवाब

अब चीन ने इस कदम का तीव्र प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका से आयातित उत्पादों पर 10 से 15 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा की। खासकर, चीनी सरकार ने अमेरिकी कोयले और एलएनजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) उत्पादों पर 15 फीसदी का शुल्क लगाया है, जबकि अमेरिकी कच्चे तेल और अन्य उत्पादों पर 10 फीसदी शुल्क लगाया गया है। यह कदम अमेरिका के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है, क्योंकि चीन इन उत्पादों का प्रमुख खरीदार है।

गूगल पर चीनी शिकंजा

चीन ने केवल अमेरिका के उत्पादों पर ही नहीं, बल्कि अमेरिकी कंपनियों पर भी अपनी निगरानी तेज कर दी है। चीन ने गूगल पर शिकंजा कसने की योजना बनाई। चीन का आरोप है कि गूगल एंटीट्रस्ट कानूनों का उल्लंघन कर रहा है, और उसकी कार्यप्रणाली व्यापारिक नीतियों के खिलाफ है। चीन का यह कदम गूगल के लिए एक चुनौती बन सकता है।

भारत और वैश्विक बाजार पर प्रभाव

अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ वॉर का असर सिर्फ इन दोनों देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक बाजारों पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। भारत जैसे विकासशील देशों के लिए यह अवसर भी हो सकता है, जहां कंपनियां चीन और अमेरिका से प्रभावित होकर अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं को फिर से व्यवस्थित करने की कोशिश करेंगी। यह भारतीय उद्योगों के लिए एक अवसर हो सकता है, खासकर उन उत्पादों के लिए जो अमेरिकी और चीनी बाजारों के बीच विवाद का कारण बने हैं।

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