बिहार में स्मार्ट प्रीपेड मीटर
स्मार्ट प्रीपेड मीटरों के लागू होने से बिजली उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की सटीक जानकारी मिलती है। ये मीटर न केवल बिजली खपत को मॉनिटर करते हैं, बल्कि रीयल-टाइम में डेटा ट्रांसमिट करते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को सटीक बिलिंग मिलती है। इसके अलावा, स्मार्ट मीटरों की मदद से बिजली चोरी पर भी काबू पाया जा सकेगा, क्योंकि ये मीटर किसी भी अनधिकृत कनेक्शन या खपत को आसानी से पहचानने में सक्षम होते हैं।
बीएसपीएचसीएल ने आदेश दिया है कि जिन घरों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर नहीं हैं, वहां इन्हें जल्दी से जल्दी लगाया जाएगा। इसके साथ ही, जिन मीटरों की कम्यूनिकेशन प्रणाली खराब हो गई है, उन्हें भी मार्च तक बदलने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को परेशानी से बचने और सही समय पर बिल मिलने में मदद मिलेगी।
डोर टू डोर संपर्क और राजस्व वसूली
बीएसपीएचसीएल ने अपने अधिकारियों और एजेंसियों को यह भी निर्देश दिया है कि वे डोर टू डोर उपभोक्ता संपर्क बढ़ाएं। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को मीटर परिवर्तन और बिलिंग से जुड़ी सभी जानकारी समय पर मिल सके। इसके अलावा, बिजली कंपनी ने बड़े बकायेदारों से राजस्व वसूली को तेज करने के लिए उनके घरों पर जाकर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। इससे बकाया राशि की वसूली में भी तेजी आएगी, जो कि राज्य की वित्तीय स्थिति के लिए महत्वपूर्ण है।
एजेंसियों को चेतावनी और समय सीमा
बीएसपीएचसीएल ने मीटर लगाने वाली एजेंसियों को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य नहीं पूरा करतीं, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। कंपनी का कहना है कि समयबद्ध कार्य पूरा करने से ही इस योजना को सफल बनाया जा सकता है, और कोई भी विलंब राज्य के बिजली वितरण तंत्र को नुकसान पहुंचा सकता है।

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