बता दें की यह प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर हुई आर्थिक बढ़त के अनुरूप है, जहां इसी अवधि में भारत की रियल जीडीपी लगभग 29% बढ़ी है। खास बात यह है कि सबसे तेज़ बढ़ने वाली टॉप-10 बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं की ग्रोथ राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक, करीब 45% तक रही। इससे साफ है कि देश की विकास गाथा अब ज्यादा व्यापक और संतुलित होती जा रही है।
असम सबसे आगे
सबसे तेज़ ग्रोथ दर्ज करने वाला राज्य असम रहा, जिसने पांच सालों में लगभग 45% की वृद्धि हासिल की। इस दौरान असम का GSDP 2.4 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ रुपये हो गया। कृषि, तेल और गैस सेक्टर के साथ-साथ पूर्वोत्तर में बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश ने राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया।
तमिलनाडु और कर्नाटक
दूसरे स्थान पर तमिलनाडु रहा, जहां 39% की ग्रोथ दर्ज की गई। मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल और सेवाओं ने इसकी अर्थव्यवस्था को गति दी। जबकि कर्नाटक ने 36% की वृद्धि के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। आईटी सेवाएं, स्टार्टअप इकोसिस्टम, बायोटेक्नोलॉजी और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग इसकी मुख्य ताकतें रहीं।
उत्तर प्रदेश की बड़ी छलांग
उत्तर प्रदेश ने पांच सालों में 35% की ग्रोथ के साथ चौथा स्थान हासिल किया। राज्य का GSDP 11.7 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 15.8 लाख करोड़ रुपये हो गया। बड़ा घरेलू बाजार, कृषि, और तेज़ी से विकसित होता औद्योगिक व लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर इसकी प्रगति के अहम कारण रहे।
राजस्थान से लेकर बिहार तक मजबूत प्रदर्शन
राजस्थान ने 34% की ग्रोथ दर्ज की, जहां माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, पर्यटन और सीमेंट उद्योग का बड़ा योगदान रहा। जबकि बिहार और आंध्र प्रदेश दोनों ने 33% की वृद्धि हासिल की। बिहार में कृषि और सेवाओं ने अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाया, जबकि आंध्र प्रदेश को खेती, बंदरगाहों, लॉजिस्टिक्स और फूड प्रोसेसिंग से मजबूती मिली।
10 राज्यों की सूची ग्रोथ प्रतिशत के साथ दी गई है:
1 .असम – 45%
2 .तमिलनाडु – 39%
3 .कर्नाटक – 36%
4 .उत्तर प्रदेश – 35%
5 .राजस्थान – 34%
6 .बिहार – 33%
7 .आंध्र प्रदेश – 33%
8 .छत्तीसगढ़ – 31%
9 .झारखंड – 31%
10 .तेलंगाना – 30%

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