सोने की चमक से बढ़ा रिज़र्व
इस सप्ताह विदेशी मुद्रा भंडार में आई कुल बढ़त का बड़ा हिस्सा सोने की वजह से रहा। गोल्ड रिज़र्व में 2.62 अरब डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे इसका कुल मूल्य 110.36 अरब डॉलर हो गया। रुपये के हिसाब से देखें तो सोने के भंडार में करीब 12 हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। अब भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी लगभग 14.7 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जो इसे एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में और मजबूत बनाती है।
SDR में भी हुई मामूली इज़ाफा
भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में भी हल्की बढ़त दर्ज की गई है। इस सप्ताह इसमें 8 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई, जिससे इसका कुल मूल्य 18.744 अरब डॉलर हो गया। हालांकि यह बढ़ोतरी छोटी है, लेकिन यह अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के साथ भारत की स्थिति को दर्शाती है।
फॉरेन करेंसी एसेट्स में असर
हालांकि डॉलर के संदर्भ में फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में 1.64 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 559.42 अरब डॉलर तक पहुँच गए, लेकिन रुपये में इसकी कुल वैल्यू में गिरावट देखी गई। रुपये के मूल्य में उतार-चढ़ाव के कारण FCA की कीमत लगभग 44 हजार करोड़ रुपये घटकर 50 लाख करोड़ रुपये से नीचे आ गई।
दुनिया में भारत की मजबूत स्थिति
विदेशी मुद्रा भंडार के मामले में भारत लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है। वर्तमान में भारत चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद दुनिया का चौथा सबसे बड़ा विदेशी मुद्रा भंडार रखने वाला देश है। यह उपलब्धि भारत की आर्थिक स्थिरता और वैश्विक भरोसे को दर्शाती है।

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