बिहार में 'शिक्षकों' की फिर होगी जांच, आदेश हुआ जारी

सीतामढ़ी: बिहार सरकार ने राज्य के शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया को और भी सख्त बनाने का फैसला किया है। अब किसी भी फर्जी अभ्यर्थी को बहाली के रास्ते में मौका नहीं मिलेगा। इसके लिए विभाग ने थंब इंप्रेशन और अन्य बायोमेट्रिक तकनीक का उपयोग करने के निर्देश जारी किए हैं।

तीन बार होगी जांच

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने सभी जिलों के डीईओ और डीपीओ को पत्र भेजकर कहा है कि बिहार विद्यालय विशिष्ट शिक्षक नियमावली-23 के नियम-4 के अनुसार स्थानीय निकाय शिक्षकों के लिए सक्षमता परीक्षा, 2025 में शामिल अभ्यर्थियों का थंब इंप्रेशन और बायोमेट्रिक मिलान तीन चरणों में किया जाएगा।

पहली जांच: परीक्षा केंद्र पर, परीक्षा के दौरान थंब इंप्रेशन की मिलान।

दूसरी जांच: परीक्षा के बाद, अभ्यर्थी अपने मूल प्रवेश पत्र डीपीओ (स्थापना) को देंगे। इस दौरान उनका थंब इंप्रेशन और बायोमेट्रिक मिलान किया जाएगा। प्रवेश पत्र पोर्टल पर अपलोड कर कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा।

तीसरी जांच: सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण होने के बाद काउंसिलिंग के दौरान अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्रों की जांच के साथ थंब इंप्रेशन से अंतिम मिलान।

कब होगी अंतिम जांच

बोर्ड ने 29 और 30 दिसंबर को जांच एजेंसी की प्रतिनियुक्ति जिलों में करने के निर्देश दिए हैं। यह कार्रवाई सभी डीईओ कार्यालयों में चलती रहेगी।

सरकार की नीति

बिहार सरकार का उद्देश्य साफ है की कोई भी फर्जी अभ्यर्थी बहाली में सफल न हो। थंब इंप्रेशन तकनीक के जरिए विभाग अब हर चरण पर सख्त निगरानी करेगा। परीक्षा से लेकर काउंसिलिंग तक इस प्रक्रिया के चलते अभ्यर्थियों को हर बार बायोमेट्रिक मिलान से गुजरना होगा। इस कदम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष हो, और योग्य अभ्यर्थियों को ही मौका मिले।

0 comments:

Post a Comment