जापान का बड़ा फैसला, चीन के उड़े होश, अमेरिका खुश!

न्यूज डेस्क। एशिया-प्रशांत क्षेत्र में बदलते सुरक्षा हालात के बीच जापान ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। जापानी मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026 के लिए 9 ट्रिलियन येन से अधिक के रक्षा बजट को मंजूरी दे दी है, जो अब तक का सबसे बड़ा सैन्य बजट माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि यह फैसला क्षेत्रीय अस्थिरता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।

रक्षा बजट में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

अप्रैल से शुरू होने वाले वित्तीय वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित रक्षा खर्च पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.4 प्रतिशत अधिक है। यह जापान की पांच वर्षीय रक्षा विस्तार योजना का चौथा चरण है, जिसके तहत सैन्य खर्च को सकल घरेलू उत्पाद के 2 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य तय किया गया है। लंबे समय तक सीमित सैन्य बजट रखने वाले जापान के लिए यह एक बड़ा रणनीतिक बदलाव माना जा रहा है।

चीन-ताइवान तनाव का सीधा असर

विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला चीन और ताइवान के बीच बढ़ते तनाव से सीधे तौर पर जुड़ा है। ताइवान को लेकर बीजिंग की आक्रामक नीति से जापान भी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। जापानी नेतृत्व पहले ही संकेत दे चुका है कि ताइवान संकट की स्थिति में क्षेत्रीय सुरक्षा पर इसका गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। इसी कारण टोक्यो अपनी रक्षा तैयारियों को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

अमेरिका के साथ रणनीतिक तालमेल

जापान के इस फैसले से अमेरिका को भी संतोष मिला है। वाशिंगटन लंबे समय से चाहता रहा है कि जापान अपनी रक्षा जिम्मेदारियों में अधिक सक्रिय भूमिका निभाए। इसी दबाव के चलते जापान ने रक्षा खर्च को तय समय से पहले GDP के 2 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही दिसंबर 2026 तक राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा नीति में व्यापक बदलाव की तैयारी भी की जा रही है।

जापान का मिसाइल और ड्रोन पर विशेष जोर

नए बजट में लंबी दूरी की मिसाइलों और मानवरहित हथियार प्रणालियों की खरीद को प्राथमिकता दी गई है। दक्षिण-पश्चिमी द्वीपों की सुरक्षा के लिए क्रूज मिसाइलों और ड्रोन की तैनाती की योजना बनाई गई है।  रक्षा बजट में ‘स्टैंडऑफ’ मिसाइल क्षमता बढ़ाने के लिए भारी राशि का प्रावधान किया गया है। इसमें टाइप-12 सतह से जहाज पर मार करने वाली उन्नत मिसाइलें शामिल हैं, जिनकी मारक क्षमता लगभग 1,000 किलोमीटर तक बताई जा रही है। इन मिसाइलों का पहला चरण कुमामोटो प्रांत में तैनात किए जाने की योजना है।

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