ये कर्मचारी दोबारा ग्रेच्युटी के पात्र नहीं
यदि कोई कर्मचारी अनिवार्य सेवानिवृत्ति (उम्र पूरी होने पर), स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति या सेवा से हटाए जाने के बाद ‘अनुकंपा ग्रेच्युटी’ ले चुका है और फिर से सरकारी नौकरी में आता है, तो उसे नई सेवा की अवधि के लिए अलग से ग्रेच्युटी नहीं मिलेगी। इसका मतलब है कि पहले प्राप्त ग्रेच्युटी को दोहराया नहीं जाएगा।
पीएसयू और स्वायत्त निकाय के कर्मचारी
यदि कोई कर्मचारी पहले किसी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (PSU) या स्वायत्त संस्था में काम कर चुका है और फिर केंद्र सरकार की नौकरी में आता है, तो दोनों जगह की ग्रेच्युटी का लाभ उसे मिलेगा। शर्त यह है कि दोनों जगह की कुल ग्रेच्युटी उस राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए, जो उसे केवल एक ही सेवा से मिलती।
राज्य सरकार से केंद्र में आने वाले कर्मचारी
पूर्व में राज्य सरकार की सेवा में रहे और बाद में केंद्र सरकार में नौकरी लेने वाले कर्मचारी भी इसी नियम के तहत ग्रेच्युटी पाएंगे। उदाहरण के लिए, यदि किसी ने 10 साल राज्य सरकार और 20 साल केंद्र सरकार में सेवा दी, तो कुल 30 साल के आधार पर ग्रेच्युटी मिलेगी। यह राशि अंतिम वेतन के अनुसार गणना की जाएगी, ताकि कर्मचारी को कोई नुकसान न हो।
सरकार ने सैन्य कर्मियों को दी बड़ी राहत
सैन्य सेवा से रिटायर होकर सिविल सेवा या अन्य सरकारी विभाग में आने वाले जवानों के लिए यह एक अच्छी खबर है। विभाग ने स्पष्ट किया कि सेना में मिली ग्रेच्युटी का असर नई सिविल सेवा की ग्रेच्युटी पर नहीं पड़ेगा। यानि वे पूरी ग्रेच्युटी के हकदार होंगे, बिना किसी कटौती के।

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