मखाना श्रमिकों को मिलेगा सामाजिक सुरक्षा का लाभ
इस पहल की सबसे बड़ी खासियत मखाना क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए लेबर कार्ड की व्यवस्था है। खेतों और प्रसंस्करण इकाइयों में कार्यरत मजदूरों को अब सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और सरकारी सहायता से जोड़ा जाएगा। इससे श्रमिकों को पहचान के साथ-साथ स्वास्थ्य, बीमा और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता खुलेगा।
नीति-निर्माताओं और हितधारकों के बीच मंथन
इसी क्रम में पटना स्थित कृषि भवन में “राष्ट्रीय मखाना समृद्धि मंथन” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस बैठक में नीति-निर्माताओं, विशेषज्ञ संस्थानों, किसानों, उद्यमियों और अन्य संबंधित पक्षों ने भाग लिया। संवाद, नवाचार और आपसी समन्वय को इस आयोजन का मुख्य आधार बनाया गया, ताकि मखाना से जुड़ी हर कड़ी को मजबूती दी जा सके।
उत्पादन के साथ मूल्य संवर्धन पर जोर
कृषि विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार ने कहा कि बिहार देश में मखाना उत्पादन का प्रमुख केंद्र है, लेकिन अब समय आ गया है कि केवल उत्पादन तक सीमित न रहा जाए। प्रसंस्करण, आधुनिक पैकेजिंग, प्रभावी ब्रांडिंग और बेहतर मार्केटिंग के जरिए मखाना को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाई जा सकती है। इससे किसानों और उद्यमियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।
बीज गुणवत्ता और क्लस्टर पर फोकस
बैठक में मखाना बीज उत्पादन को बढ़ाने और उसकी गुणवत्ता सुधारने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही मखाना उत्पादन को क्लस्टर आधारित मॉडल से विकसित करने के सुझाव भी सामने आए, जिससे लागत घटेगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। यह मॉडल छोटे किसानों को संगठित कर उन्हें बाजार से सीधे जोड़ने में मदद करेगा।
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