अब तक पारिवारिक बंटवारे के बाद प्रत्येक हिस्सेदार को अपने-अपने हिस्से की जमीन के लिए अलग-अलग आवेदन देना पड़ता था। इससे न केवल समय और पैसे की बर्बादी होती थी, बल्कि लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर भी लगाने पड़ते थे। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि जनता की इस परेशानी को देखते हुए व्यवस्था में बदलाव के निर्देश दिए गए थे। विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने कम समय में नई प्रणाली तैयार कर इसे लागू किया है।
रैयतों को मिलेगी बड़ी राहत
नई व्यवस्था से खासतौर पर छोटे रैयतों और ग्रामीण परिवारों को फायदा होगा। ऑनलाइन प्रक्रिया के कारण पारदर्शिता बढ़ेगी और बिचौलियों की भूमिका पर लगाम लगेगी। नागरिक अब घर बैठे आवेदन कर सकेंगे और अपनी जमीन से जुड़ी जमाबंदी की स्थिति भी पोर्टल पर आसानी से देख पाएंगे। किसी भी तरह की तकनीकी समस्या आने पर टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 345 6215 से सहायता ली जा सकती है।
मौखिक बंटवारे को मिलेगा कानूनी आधार
सरकार ने उन परिवारों के लिए भी खास व्यवस्था की है, जहां जमीन का बंटवारा केवल मौखिक रूप से हुआ है। ऐसे मामलों में भविष्य में विवाद की संभावना बनी रहती है और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी दिक्कत आती है। अब मौखिक बंटवारे को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज कर कागजी रूप दिया जा सकेगा, जिससे जमीन पर अधिकार स्पष्ट होंगे और कानूनी सुरक्षा भी मिलेगी।
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