परियोजना को मिली रफ्तार
हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों के बीच हुई बैठक में परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई। निर्माण कार्य में देरी न हो, इसके लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) सहित अन्य औपचारिकताओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया है। उद्देश्य है कि सभी जरूरी मंजूरियां मिलने के बाद निर्माण कार्य शीघ्र शुरू किया जा सके।
पेड़ और बिजली के खंभे हटाने की तैयारी
फोरलेन निर्माण के रास्ते में आने वाली बाधाओं को हटाने का काम भी शुरू हो गया है। सड़क किनारे मौजूद पेड़ों का सर्वे किया जा रहा है और आवश्यक अनुमति के लिए वन विभाग से प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं, बिजली विभाग के साथ समन्वय कर हाईटेंशन लाइन और बिजली के खंभों को स्थानांतरित करने की तैयारी भी की जा रही है, ताकि निर्माण कार्य बिना रुकावट जारी रह सके।
दाउदनगर और अरवल बायपास पर फोकस
परियोजना के तहत दाउदनगर और अरवल में प्रस्तावित बायपास को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इन बायपास के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। अधिकारियों का लक्ष्य है कि जमीन से जुड़ी औपचारिकताएं समय पर पूरी हो जाएं, जिससे मुख्य सड़क और बायपास का निर्माण समानांतर रूप से आगे बढ़ सके।
फ्लाईओवर और अंडरपास का होगा पूरा सर्वे
यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए पूरे मार्ग का तकनीकी सर्वे कराया जा रहा है। इस दौरान यह तय किया जाएगा कि किन स्थानों पर फ्लाईओवर, अंडरपास या फुटओवर ब्रिज की जरूरत है। इससे दुर्घटनाओं की संभावना कम होगी और ट्रैफिक का संचालन भी बेहतर ढंग से हो सकेगा।
इस फोरलेन सड़क से लोगों को क्या होगा फायदा?
एनएच-139 के फोरलेन बनने से तीन प्रमुख जिलों के बीच यात्रा का समय कम होगा। जाम की समस्या में राहत मिलने के साथ माल परिवहन भी तेज होगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, उद्योग और स्थानीय रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, क्षेत्र में निवेश और विकास की संभावनाएं भी मजबूत होंगी।
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