यूपी में रसोइयों का होगा चयन, सभी जिलों के लिए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रसोइयों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर रसोइयों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

छात्र संख्या के अनुसार तय होगी नियुक्ति

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर रसोइयों की संख्या निर्धारित की जाएगी। जिन विद्यालयों में 25 तक छात्र हैं, वहां दो रसोइये रखे जाएंगे। 26 से 100 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों में तीन, 101 से 200 तक चार, 201 से 300 तक पांच तथा 301 से 1000 विद्यार्थियों वाले स्कूलों में छह रसोइयों की नियुक्ति की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में 1001 से 1500 तक छात्र नामांकित हैं तो वहां सात रसोइये नियुक्त किए जाएंगे। इससे अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार अतिरिक्त रसोइयों का चयन किया जाएगा।

सभी जिलों में शुरू होगी प्रक्रिय

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहले विद्यालयवार छात्र संख्या का सत्यापन कराएं। इसके बाद पात्र विद्यालयों में निर्धारित नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साथ ही पूरी कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि रसोइयों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। जिला स्तर पर अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि नियुक्तियां तय मानकों और पात्रता के अनुसार ही हों। इससे चयन प्रक्रिया निष्पक्ष बनेगी और सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सकेगा।

मध्यान्ह भोजन व्यवस्था होगी मजबूत

प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत लाखों बच्चों को प्रतिदिन विद्यालयों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पर्याप्त संख्या में रसोइयों की नियुक्ति होने से भोजन तैयार करने और वितरण की व्यवस्था अधिक सुचारु होगी। इससे विद्यालयों में बच्चों को समय पर भोजन मिलने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से न केवल पीएम पोषण योजना का संचालन बेहतर होगा, बल्कि विद्यालयों में कार्य व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित बनेगी और विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

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