इस सड़क परियोजना को चार साल में पूरा करने का लक्ष्य
यह सड़क परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी। इस मॉडल में निर्माण एजेंसी सड़क की डिजाइनिंग से लेकर निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी निभाएगी। निर्धारित समयसीमा के अनुसार एजेंसी को चार वर्षों के भीतर निर्माण कार्य पूरा करना होगा। इसके बाद अगले पांच वर्षों तक सड़क के रखरखाव और मरम्मत की जिम्मेदारी भी उसी एजेंसी के पास रहेगी।
टेंडर प्रक्रिया शुरू, 20 अगस्त को खुलेगी बोली
एनएचएआई ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए निविदा जारी कर दी है। 20 अगस्त को प्राप्त टेंडरों को खोला जाएगा, जिसके बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा। एजेंसी के चयन के बाद परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने की तैयारी है।
आरा से बलिया तक सफर होगा आसान
वर्तमान में आरा और बलिया के बीच यात्रा करने वाले लोगों को कई स्थानों पर संकरी सड़क, ट्रैफिक जाम और लंबी यात्रा अवधि जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नई फोरलेन सड़क बनने के बाद इन दिक्कतों में काफी कमी आने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से निजी वाहन, बसें और मालवाहक वाहन अधिक सुगमता से आवाजाही कर सकेंगे।
गंगा पर नए पुल का भी होगा निर्माण
इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा गंगा नदी पर प्रस्तावित नया पुल है। सड़क का निर्माण पीपा पुल मार्ग के विकल्प के रूप में किया जाएगा, जिससे वर्षभर निर्बाध संपर्क सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा आवश्यक स्थानों पर ओवरब्रिज और बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा, जिससे शहरों के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लंबी दूरी के वाहन बिना बाधा आगे बढ़ सकेंगे।
इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ
इस परियोजना का सबसे अधिक लाभ भोजपुर, पटना, बलिया तथा आसपास के कई जिलों के लोगों को मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से रोजगार, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी। साथ ही क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

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