बिहार सरकार ने खोला खजाना, 4 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना: बिहार सरकार ने राज्य के चार प्रमुख शहरों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने केंद्र सरकार की अमृत 2.0 योजना के तहत समस्तीपुर, सीतामढ़ी, खगड़िया और हाजीपुर के लिए करीब 829 करोड़ रुपये की जलापूर्ति और सीवरेज परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं का उद्देश्य लोगों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना और शहरी क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।

सीतामढ़ी में पानी की समस्या होगी कम

सीतामढ़ी शहर के लिए 197.12 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है। इसके तहत नए ट्यूबवेल, पंप हाउस, आयरन रिमूवल प्लांट और जल भंडारण टंकियों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही पूरे शहर में नई पाइपलाइन बिछाकर बड़ी संख्या में घरों को स्वच्छ पेयजल से जोड़ा जाएगा। इससे वर्षों से चली आ रही पेयजल संबंधी समस्याओं में काफी राहत मिलने की संभावना है।

खगड़िया में मजबूत होगी जलापूर्ति व्यवस्था

खगड़िया के लिए 170.86 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजना स्वीकृत की गई है। इस योजना के तहत जल शोधन संयंत्र, जलमीनारें और नया वितरण नेटवर्क तैयार किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद शहर के हजारों परिवारों को नियमित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे जलापूर्ति व्यवस्था अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनेगी।

हाजीपुर में बनेगा आधुनिक सीवरेज सिस्टम

हाजीपुर शहर के लिए 232.90 करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना को मंजूरी मिली है। इस योजना के तहत आधुनिक सीवरेज नेटवर्क विकसित किया जाएगा और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का निर्माण होगा। इसके अलावा सीवर लाइन, पंपिंग स्टेशन और अन्य आवश्यक ढांचे तैयार किए जाएंगे, जिससे गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जा सकेगा। इससे शहर में स्वच्छता व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

समस्तीपुर में हर घर तक पहुंचेगा स्वच्छ पानी

समस्तीपुर शहर के लिए लगभग 228.45 करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना स्वीकृत की गई है। इस परियोजना के तहत हजारों घरों तक नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। योजना के अंतर्गत जल शोधन संयंत्र, नई पानी की टंकियां, आधुनिक पाइपलाइन नेटवर्क और पानी की निगरानी के लिए अत्याधुनिक SCADA सिस्टम स्थापित किया जाएगा। इससे शहर की पेयजल व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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