बिहार में बेटियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी 1 बड़ी सौगात

पटना: बिहार सरकार ने बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अविवाहित छात्राओं को आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार ने आवश्यक बजट जारी कर दिया है। इस फैसले से लाखों छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहयोग मिलेगा।

सरकार की ओर से संबंधित विभागों को राशि वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र छात्राओं के खातों में प्रोत्साहन राशि बिना किसी देरी के पहुंच सके।

हर पात्र छात्रा को मिलेंगे 25 हजार रुपये

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत संचालित मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने वाली अविवाहित छात्राओं को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।

लाखों छात्राओं को मिलेगा फायदा

इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली करीब 5.75 लाख अविवाहित छात्राएं इस योजना के दायरे में आएंगी। सरकार ने सभी पात्र छात्राओं तक समयबद्ध तरीके से राशि पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक उद्देश्य भी

इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और कम उम्र में होने वाले विवाह को हतोत्साहित करना भी है। सरकार का मानना है कि जब छात्राओं को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग मिलेगा तो वे अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए अधिक प्रोत्साहित होंगी और समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।

कई वर्षों से चल रही है योजना

राज्य सरकार ने इस पहल की शुरुआत वर्ष 2020 में की थी। तब से हर वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र अविवाहित छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। पिछले वर्षों में भी बड़ी संख्या में छात्राएं इस योजना का लाभ उठाकर उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ी हैं।

सीधे खाते में पहुंचेगा पैसा

सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के निर्देश दिए हैं। योजना की राशि किसी मध्यवर्ती खाते में रखने के बजाय सीधे लाभार्थी छात्राओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे भुगतान में पारदर्शिता बनी रहेगी और पात्र छात्राओं को समय पर लाभ मिल सकेगा।

बेटियों के भविष्य को मिलेगा सहारा

शिक्षा के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह आर्थिक सहायता कई परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं न केवल बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देती हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती हैं। सरकार की यह पहल राज्य में बालिका शिक्षा को मजबूत करने और उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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