सरकार का निर्णय, OPS को लेकर कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, इन लोगों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

नई दिल्ली: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर लंबे समय से चल रही मांग के बीच कुछ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के हालिया निर्णय के बाद अब ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चुनने का अवसर दिया जा रहा है, जिनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी और जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। इस दिशा में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने अपने संस्थानों में आदेश लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

यह सुविधा सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। इसका लाभ केवल उन मामलों में मिलेगा, जहां किसी सरकारी कर्मचारी के निधन या स्थायी रूप से अक्षम होने के बाद उसके आश्रित ने 12 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद मिली। चूंकि उस समय से नई पेंशन प्रणाली (NPS) लागू हो चुकी थी, इसलिए ऐसे कर्मचारियों को स्वतः एनपीएस के दायरे में शामिल कर दिया गया था। अब केंद्र सरकार ने पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प देने की अनुमति दी है

CSIR ने जारी किए निर्देश

केंद्र सरकार के निर्णय के बाद वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने 7 जुलाई 2026 को एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर अपने सभी प्रयोगशालाओं, संस्थानों और इकाइयों को इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पात्र कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुन सकेंगे

कैसे शुरू हुई यह प्रक्रिया?

इस फैसले की पृष्ठभूमि कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा 22 जून 2026 को जारी एक पत्र से जुड़ी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि जिन मामलों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन निर्धारित तिथि से पहले किया गया था, उन्हें संबंधित विभाग या मंत्रालय पुरानी पेंशन योजना का विकल्प देने पर विचार कर सकता है।

इससे पहले वर्ष 2023 में केंद्र सरकार ने उन कर्मचारियों को एक बार OPS चुनने का अवसर दिया था, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हुई थी, लेकिन नियुक्ति बाद में हुई थी। हालांकि उस समय अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारी इस दायरे में शामिल नहीं किए गए थे।

दूसरे संस्थानों पर क्या होगा असर?

CSIR द्वारा इस व्यवस्था को लागू किए जाने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य केंद्रीय स्वायत्त संस्थान भी इसी मॉडल को अपना सकते हैं। हालांकि यह व्यवस्था अपने आप सभी संस्थानों में लागू नहीं होगी। प्रत्येक स्वायत्त संस्था को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर अलग से निर्णय लेना होगा। इसके बाद ही वहां कार्यरत पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प मिल सकेगा।

कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में आवेदन की तारीख को आधार बनाया जाए, न कि केवल नियुक्ति की तारीख को। यदि संबंधित संस्थान इस व्यवस्था को लागू करते हैं, तो पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकती है।

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