सीएम सम्राट की घोषणा: बिहार के बुजुर्गों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली जिले के हाजीपुर से 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के तहत कई डिजिटल और नागरिक सुविधाओं का शुभारंभ किया। इनमें सबसे महत्वपूर्ण होम रजिस्ट्रेशन सेवा है, जिसके जरिए अब पात्र बुजुर्गों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को मिलेगा लाभ

शुरुआत में यह सुविधा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत मोबाइल रजिस्ट्रेशन टीम सीधे लाभार्थी के घर पहुंचेगी और वहीं आवश्यक दस्तावेजों की जांच तथा रजिस्ट्री से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करेगी। इससे बुजुर्गों को लंबी यात्रा या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट करेगी घर पर सेवा

सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए विशेष मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट की शुरुआत की है। यह टीम तय प्रक्रिया के अनुसार पात्र नागरिकों के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगी और निबंधन की प्रक्रिया पूरी करेगी। इस सुविधा का उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना है, जो स्वास्थ्य, उम्र या अन्य कारणों से कार्यालय नहीं जा सकते।

पेपरलेस रजिस्ट्री से बढ़ेगी पारदर्शिता

राज्य सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था भी शुरू की है। अब रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे रिकॉर्ड के खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका काफी कम हो जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में दस्तावेजों की खोज और सत्यापन की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।

AI और GIS तकनीक का उपयोग

निबंधन विभाग में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जीआईएस (GIS) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी किया जाएगा। इसके माध्यम से भूमि से जुड़ी जानकारी का सत्यापन अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा भूमि की ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है, जिससे जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

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