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अमेरिका में AI की जगह SI! ट्रंप ने कहा- शुरू हो रहा ‘सुपर इंटेलिजेंस’ का नया दौर

न्यूज डेस्क। अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर ट्रंप प्रशासन ने शब्दावली में बड़ा बदलाव किया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के जरिए संघीय सरकार को आधिकारिक कामकाज में ‘Artificial Intelligence’ और ‘AI’ की जगह ‘Super Intelligence’ और ‘SI’ शब्द अपनाने का निर्देश दिया है। इसका असर सरकारी संचार, वेबसाइटों, रिपोर्ट और नीतिगत दस्तावेजों पर दिखाई देगा।

तकनीकी बदलाव को बताया वजह

ट्रंप प्रशासन का कहना है कि आधुनिक AI तकनीक अब केवल इंसानी सोच की नकल करने तक सीमित नहीं है। इसका इस्तेमाल रचनात्मकता, वैज्ञानिक अनुसंधान, चिकित्सा और दूसरे क्षेत्रों में मानव क्षमताओं को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। इसी बदलाव को देखते हुए नई शब्दावली अपनाने की बात कही गई है।

हालांकि पुराने सरकारी नियमों, अनुबंधों, अनुदानों और ऐतिहासिक रिकॉर्ड में इस्तेमाल किए गए ‘AI’ शब्द को बदलने का निर्देश नहीं दिया गया है। यानी बदलाव मुख्य रूप से भविष्य के आधिकारिक सरकारी संचार पर केंद्रित रहेगा।

नई कानूनी परिभाषा की तैयारी

प्रशासन अब ‘Super Intelligence’ के लिए अलग संघीय कानूनी परिभाषा तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है। राष्ट्रपति के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार को कांग्रेस के लिए प्रस्तावित विधायी भाषा तैयार करने का जिम्मा दिया गया है।

टेक कंपनियों के साथ भी चर्चा

ट्रंप ने इससे पहले प्रमुख टेक कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्नत AI और सुपर इंटेलिजेंस के विकास पर चर्चा की थी। बैठक में तकनीक की सुरक्षा, राष्ट्रीय हित और अमेरिका की वैश्विक तकनीकी बढ़त जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि नई तकनीक का विकास तेज होने के साथ उसकी सुरक्षा और जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी ध्यान दिया जाए।

बिहार के किसानों के लिए खुशखबरी! सिंचाई के लिए अब मिलेगी मुफ्त बिजली

पटना। बिहार के किसानों को सिंचाई के लिए बिजली खर्च में बड़ी राहत मिलने की तैयारी है। ऊर्जा विभाग ने किसानों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का प्रस्ताव तैयार किया है। अब इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जाने की तैयारी है। योजना लागू होने पर राज्य के एक करोड़ से अधिक किसानों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।

बिहार में फिलहाल किसानों को सिंचाई के लिए बिजली 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार की योजना कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली की उपलब्धता बढ़ाने की भी है। जिससे किसानों को राहत मिलेगी।

3 साल में 2585 मेगावाट सौर बिजली का लक्ष्य

प्रस्ताव के मुताबिक अगले तीन वर्षों में 2,560 कृषि फीडरों से 2,585 मेगावाट सौर ऊर्जा तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर सरकार करीब 2,714 करोड़ रुपये खर्च करेगी। सौर ऊर्जा से मिलने वाली बिजली की लागत मौजूदा खरीद व्यवस्था की तुलना में कम रखने का लक्ष्य है।

आपको बता दें की वर्तमान में कृषि क्षेत्र के लिए बिजली खरीद पर करीब 6.19 रुपये प्रति यूनिट खर्च होने की जानकारी दी गई है। वहीं, कृषि फीडर सोलराइजेशन करने वाली एजेंसियों को सरकार प्रति मेगावाट 1.05 करोड़ रुपये का अनुदान देगी।

साल-दर-साल बढ़ेगा सोलराइजेशन

सरकार ने 2027 में 640 फीडर से 646 मेगावाट, 2028 में 896 फीडर से 905 मेगावाट और 2029 में 1,024 फीडर से 1,034 मेगावाट बिजली उत्पादन का लक्ष्य तय किया है।

सोलर प्लांट के लिए बनेगा भूमि बैंक

सौर परियोजनाओं के लिए जमीन उपलब्ध कराने को लेकर भूमि बैंक तैयार करने की योजना भी है। जमीन देने वाले किसानों और अन्य पात्र लोगों को निर्धारित राशि दिए जाने का प्रस्ताव है। योजना का उद्देश्य सिंचाई की लागत घटाने के साथ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदूषण कम करना है। यह प्रस्ताव पीएम कुसुम योजना 0.2 को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। हालांकि मुफ्त बिजली की व्यवस्था लागू होने के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी होगी।

बिहार के लिए 7 पूजा स्पेशल ट्रेन! इन शहरों को बड़ी खुशखबरी, देखें पूरी लिस्ट

पटना। त्योहारों के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ा इंतजाम किया है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेलवे ने 7 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के संचालन की जानकारी दी है। इन ट्रेनों से दिल्ली, चंडीगढ़, पंजाब, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर से बिहार आने वाले यात्रियों को अतिरिक्त यात्रा विकल्प मिलेगा।

1. चंडीगढ़-पटना फेस्टिवल स्पेशल

ट्रेन नंबर 04512/04511 चंडीगढ़ और पटना के बीच चलेगी। 04512 चंडीगढ़ से 1 से 26 अक्टूबर तक प्रत्येक गुरुवार को रात 23:55 बजे रवाना होकर अगले दिन 21:15 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में 04511 पटना से प्रत्येक शुक्रवार को 23:15 बजे चलेगी।

2. फिरोजपुर कैंट-पटना स्पेशल

04616/04615 फिरोजपुर कैंट-पटना के बीच चलेगी। 04616 फिरोजपुर से मंगलवार को 12:00 बजे रवाना होकर अगले दिन 18:35 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी ट्रेन 04615 पटना से बुधवार को 20:20 बजे चलेगी।

3. आनंद विहार-पाटलिपुत्र स्पेशल

04096/04095 के जरिए आनंद विहार और पाटलिपुत्र के बीच अतिरिक्त ट्रेन सुविधा मिलेगी। 04096 आनंद विहार से 1 से 29 अक्टूबर तक प्रतिदिन 00:05 बजे चलेगी और 23:00 बजे पाटलिपुत्र पहुंचेगी। वापसी में 04095 पाटलिपुत्र से 00:45 बजे रवाना होगी।

4. एरणाकुलम-पटना स्पेशल

06085/06086 ट्रेन एरणाकुलम और पटना के बीच चलेगी। 06085 शुक्रवार को एरणाकुलम से 21:30 बजे रवाना होकर सोमवार को 03:30 बजे पटना पहुंचेगी। वापसी में 06086 पटना से मंगलवार को 00:10 बजे रवाना होगी।

5. पोत्तनूर-बरौनी स्पेशल

06021/06022 पोत्तनूर और बरौनी के बीच संचालित होगी। पोत्तनूर से ट्रेन रविवार को 06:15 बजे चलेगी और मंगलवार को 13:30 बजे बरौनी पहुंचेगी। वापसी में बरौनी से बुधवार को 10:30 बजे ट्रेन रवाना होगी।

6. आनंद विहार-जोगबनी स्पेशल

04008/04007 के जरिए आनंद विहार से जोगबनी तक अतिरिक्त सुविधा मिलेगी। ट्रेन हाजीपुर, बरौनी, बेगूसराय, खगड़िया, मानसी, कटिहार, पूर्णिया, अररिया और फारबिसगंज जैसे स्टेशनों पर रुकेगी। 04008 आनंद विहार से शनिवार को 08:30 बजे रवाना होकर अगले दिन 15:00 बजे जोगबनी पहुंचेगी।

7. दिल्ली-कामाख्या फेस्टिवल स्पेशल

04076/04075 दिल्ली और कामाख्या के बीच चलेगी। 04076 शनिवार को दिल्ली से 00:30 बजे रवाना होकर पाटलिपुत्र में 20:40 बजे और बरौनी में अगले दिन 00:35 बजे पहुंचेगी। वापसी में 04075 सोमवार को कामाख्या से 05:00 बजे रवाना होगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 15 अक्टूबर से लागू, आम जनता को खुशखबरी!

लखनऊ। त्योहारी सीजन में मिठाई खरीदने वाले लोगों के लिए उत्तर प्रदेश से अहम खबर है। राज्य में 15 अक्टूबर 2026 से खुली मिठाइयों को लेकर नया नियम लागू होने जा रहा है। अब दुकानदारों को बिक्री के लिए रखी मिठाइयों पर उसकी ‘यूज बाई डेट’ यानी इस्तेमाल की अंतिम तारीख साफ तौर पर बतानी होगी। इससे ग्राहक खरीदारी के समय मिठाई की उपयोग अवधि की जानकारी हासिल कर सकेंगे।

खुली मिठाई पर भी दिखानी होगी तारीख

नई व्यवस्था के तहत दुकानों में बिक्री के लिए रखी और स्टोर की गई खुली मिठाइयों पर अंतिम उपयोग तिथि प्रदर्शित करना जरूरी होगा। अलग-अलग मिठाइयों की उपयोग अवधि उनकी प्रकृति के अनुसार अलग हो सकती है। यह अवधि करीब एक दिन से 30 दिन तक बताई गई है।

अब ग्राहक मिठाई खरीदते समय सिर्फ उसकी कीमत या स्वाद ही नहीं, बल्कि उसे कब तक इस्तेमाल करना उचित है, इसकी जानकारी भी देख सकेंगे। इससे मिठाई की गुणवत्ता को लेकर पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

पैक्ड मिठाइयों के बाद खुली मिठाई पर फोकस

पैक की गई मिठाइयों पर पहले से ही जरूरी तारीख संबंधी जानकारी दी जाती है। अब विभाग ने खुली मिठाइयों को भी इस व्यवस्था के दायरे में लाने पर जोर दिया है। इसका मकसद ग्राहकों को स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराना और खाद्य कारोबार में निगरानी मजबूत करना है।

दूध उत्पादों में दो रसायनों के इस्तेमाल पर रोक

वहीं, दुग्ध और दूध से बने उत्पादों की प्रोसेसिंग इकाइयों के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं। एथिलीन ग्लाइकोल और डाई एथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। विभाग के अनुसार, कुछ जगहों पर इनका इस्तेमाल कूलेंट के तौर पर किया जा रहा था, जिससे लीकेज की स्थिति में खाद्य पदार्थों के दूषित होने का जोखिम हो सकता है। इनके स्थान पर प्रोपिलीन ग्लाइकोल जैसे विकल्प के इस्तेमाल की बात कही गई है।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम! यूपी के 6 शहरों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के छह प्रमुख शहरों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार की प्रगति-50 पहल में यूपी के आगरा, अयोध्या, लखनऊ, मथुरा, प्रयागराज और वाराणसी को शामिल किया गया है। इस पहल के तहत इन शहरों में स्वच्छता व्यवस्था को आधुनिक और बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

50 शहरों को बनाया जाएगा मॉडल

केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल ने नई दिल्ली में प्रगति-50 कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके तहत देश के 24 राज्यों के 50 शहरों को स्वच्छता के मॉडल शहर के रूप में विकसित करने की योजना है। तकनीक के इस्तेमाल के साथ शहरों के कामकाज और प्रगति का नियमित आकलन किया जाएगा।

कचरा और गंदे पानी का प्रबंधन

यूपी के चयनित छह शहरों में सिर्फ सफाई तक सीमित न रहकर ठोस कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन और स्वच्छता सेवाओं को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग विभागों और संबंधित एजेंसियों को एक साथ जोड़कर काम करने की योजना है।

नागरिकों की भी होगी भागीदारी

इस पहल में स्थानीय लोगों की भागीदारी को भी अहम माना गया है। नागरिक स्वच्छता से जुड़ी समस्याओं की जानकारी देने और शिकायत दर्ज कराने के लिए स्वच्छता ऐप के साथ समर्पित WhatsApp चैनल का इस्तेमाल कर सकेंगे।

केंद्र सरकार की इस पहल का उद्देश्य चयनित शहरों में स्वच्छता सेवाओं को बेहतर बनाने के साथ नागरिकों को ज्यादा सुविधाजनक और बेहतर शहरी माहौल उपलब्ध कराना है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, गांव-गांव के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों में रहने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले को लेकर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर और विभागीय अधिकारियों के बीच चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित फाइल वापस भेज दी है और जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

गुरुवार को होगी अहम बैठक

डिजिटल पुस्तकालयों का काम शुरू कराने को लेकर पंचायती राज मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव की गुरुवार को बैठक प्रस्तावित है। इसमें सबसे अहम चर्चा इस बात पर होगी कि पुस्तकालयों के लिए कंप्यूटर, फर्नीचर और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की खरीद किस सरकारी संस्था के माध्यम से कराई जाए।

मंत्री ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, बैठक में कार्यदायी संस्था के चयन पर फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काम करने वाली राज्य सरकार की संस्थाओं से भी इस संदर्भ में बातचीत की जा रही है।

454 करोड़ रुपये की है योजना

ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की इस योजना पर करीब 454 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मंत्री के मुताबिक, पुस्तकालयों की स्थापना का काम विधानसभा चुनाव से पहले पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे गांवों के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन मिल सकेंगे।

यूपी सरकार का फैसला, 60 जिलों में लागू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या और पर्यटन से होने वाले आर्थिक असर का बेहतर आकलन करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने दिसंबर से AI आधारित पर्यटक गणना शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

नवंबर तक तैयार होगी व्यवस्था

पर्यटन विभाग को निर्देश दिया गया है कि AI आधारित पर्यटक गणना प्रणाली 15 नवंबर तक तैयार कर ली जाए, ताकि दिसंबर से इसका इस्तेमाल शुरू किया जा सके। इसके लिए प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगाने की योजना है।

इसके साथ ही प्रदेश के रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों का डेटा भी जुटाया जाएगा। विभाग के 14 पर्यटन सर्किट में पर्यटकों की संख्या और उनकी गतिविधियों को लेकर तथ्यात्मक आंकड़े तैयार किए जाएंगे।

पर्यटन से जुड़े निवेश पर भी नजर

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 से अब तक होटल, बजट आवास, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन कारोबार से जुड़े 44,240 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। होटल निर्माण की गतिविधियों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पर्यटन के आर्थिक प्रभाव को समझने के लिए GST के तहत आवास, फूड सर्विस और वाहन किराये समेत 51 सेवा श्रेणियों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

चार पर्यटन स्थलों के आधार पर होगा आकलन

अधिकारियों ने कहा कि किसी जिले में पर्यटकों की संख्या का आकलन केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल के आधार पर नहीं होना चाहिए। अलग-अलग प्रकार के पर्यटन आकर्षण वाले कम से कम चार स्थलों को इसमें शामिल करने की बात कही गई है।

बैठक में अयोध्या समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर बढ़ती पर्यटक गतिविधियों से पैदा होने वाले कारोबारी अवसरों का भी अध्ययन करने पर जोर दिया गया। साथ ही बाबा नीब करौरी सर्किट और कालिंजर किले को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करने की योजनाओं पर चर्चा हुई।

51 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ा बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने अनिवार्य EPFO कवरेज के लिए मासिक वेतन की सीमा को 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये कर दिया है। नई व्यवस्था 17 सितंबर 2026 से लागू हो गई है। सरकार के इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा दायरे में आने की उम्मीद है।

करीब 12 साल बाद EPFO की अनिवार्य कवरेज सीमा में बदलाव किया गया है। इससे अब 15,000 से 25,000 रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी भी तय नियमों के तहत EPFO के दायरे में आएंगे। सरकार के मुताबिक, निजी क्षेत्र में कर्मचारियों की औसत मासिक आय में बढ़ोतरी को देखते हुए वेतन सीमा को संशोधित किया गया है।

EPF के साथ पेंशन और बीमा का लाभ

नई सीमा के दायरे में आने वाले पात्र कर्मचारियों को EPFO से जुड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का फायदा मिलेगा। इसमें EPF, EPS और EDLI प्रमुख हैं। EPF के जरिए रिटायरमेंट के लिए बचत होती है, जबकि EPS के तहत पात्र कर्मचारियों को पेंशन और EDLI के तहत बीमा कवर मिलता है।

सरकार पर बढ़ेगा वित्तीय बोझ

EPFO का दायरा बढ़ने से सरकार की वित्तीय जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। अनुमान के मुताबिक, इस फैसले के बाद सालाना खर्च करीब 11,339 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पांच साल में सरकार की अनुमानित वित्तीय प्रतिबद्धता करीब 56,696 करोड़ रुपये रहने की बात कही गई है।

वर्तमान में EPFO से करीब 7.98 करोड़ योगदान करने वाले सदस्य जुड़े हैं। नई व्यवस्था के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क से जुड़ने का रास्ता साफ होगा। हालांकि, वेतन सीमा बढ़ाने के फैसले पर ट्रेड यूनियनों की ओर से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कुछ संगठनों ने इसे लंबे समय से लंबित मांग बताते हुए कहा है कि नई सीमा को और बढ़ाने की जरूरत है।

डॉलर को बड़ा झटका! भारत-UAE के इस कदम से अमेरिका तक हलचल, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने दोनों देशों के बीच स्थानीय मुद्राओं में कारोबार को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। भारत-UAE उच्चस्तरीय संयुक्त कार्यबल की बैठक में स्थानीय मुद्रा निपटान, भुगतान और मैसेजिंग सिस्टम के एकीकरण के साथ केंद्रीय बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) से जुड़ी पहलों पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इन व्यवस्थाओं को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने के लिए सहयोग करने पर सहमति जताई।

रुपये-दिरहम में कारोबार पर जोर

इस व्यवस्था का मकसद भारत और UAE के बीच व्यापार और निवेश को ज्यादा आसान और कुशल बनाना है। भारत और UAE के केंद्रीय बैंक स्थानीय मुद्रा में लेनदेन से जुड़ी व्यवस्था पर पहले से काम कर रहे हैं। सरकारी दस्तावेज के मुताबिक, दोनों देशों के बीच INR और AED में व्यापार तथा रेमिटेंस के निपटान की व्यवस्था मौजूद है।

बढ़ रहा भारत-UAE व्यापार

भारत और UAE के आर्थिक रिश्तों में लगातार विस्तार हुआ है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 101.25 अरब डॉलर तक पहुंच गया। बैठक में ऊर्जा, इंफ्रास्ट्रक्चर, टेक्नोलॉजी, AI, लॉजिस्टिक्स, अंतरिक्ष, कृषि और स्टार्टअप जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई।

स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ने से डॉलर पर निर्भरता कम करने और सीमा-पार भुगतान को आसान बनाने की दिशा में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसे डॉलर के अंत या किसी एक देश के खिलाफ कदम के तौर पर नहीं, बल्कि भारत-UAE के बीच भुगतान और व्यापार व्यवस्था को मजबूत करने वाली पहल के रूप में देखना ज्यादा सटीक होगा।

1 अक्टूबर से बड़ा बदलाव! ATM से लेकर LPG और UPI तक बदलेंगे कई नियम, जानें क्या बदलेगा

नई दिल्ली। 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग, LPG, FD और पेंशन से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। वहीं UPI से जुड़ा एक अहम बदलाव 15 अक्टूबर से लागू होगा। इन बदलावों का असर ग्राहकों और कारोबारियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है।

बड़ी FD की ब्याज दरों की जानकारी ऑनलाइन

1 अक्टूबर से बैंकों को बल्क FD की ब्याज दरें हर कामकाजी दिन ऑनलाइन प्रकाशित करनी होंगी। यह जानकारी सुबह 10 बजे तक उपलब्ध कराने का नियम है। इसका सामान्य रिटेल FD की ब्याज दरों पर सीधे असर नहीं पड़ेगा।

LPG सब्सिडी के लिए आधार वेरिफिकेशन

LPG सब्सिडी पाने वाले ग्राहकों के लिए आधार बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन जरूरी होगा। ग्राहक गैस एजेंसी, उपलब्ध ऐप या डिलीवरी के समय इस प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे। वेरिफिकेशन नहीं होने पर सब्सिडी वाले सिलेंडर का लाभ प्रभावित हो सकता है।

SBI ATM से जुड़े नियम बदलेंगे

SBI के सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM से मिलने वाले मुफ्त ट्रांजैक्शन की सीमा घटाई जा रही है। अब हर महीने 10 की जगह 5 मुफ्त लेनदेन मिलेंगे। इसमें कैश निकालने के साथ बैलेंस चेक जैसी सेवाएं भी शामिल होंगी। SBI के अपने ATM पर सैलरी पैकेज ग्राहकों के लिए मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा जारी रहेगी।

UPI पेमेंट पर भी बदलाव

15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू होगा। 2,000 रुपये तक के भुगतान पर शुल्क नहीं लगेगा। छोटे व्यापारियों के लिए निर्धारित जीरो-MDR श्रेणी के लेनदेन भी इससे प्रभावित नहीं होंगे।

NPS में नई फीस

NPS और NPS Lite में Point of Presence (PoP) के जरिए नया खाता खोलने वालों के लिए 200 रुपये का जॉइनिंग चार्ज लागू होगा। यह शुल्क प्रत्येक PRAN के लिए लिया जाएगा।

दरअसल, अक्टूबर की शुरुआत से बैंकिंग, डिजिटल पेमेंट, LPG और पेंशन से जुड़े कई नियमों में बदलाव होंगे। इसलिए संबंधित ग्राहक समय रहते नए नियमों की जानकारी जरूर ले लें।

गुरु का शुभ प्रभाव शुरू! 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के रास्ते

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु को ज्ञान, भाग्य, धन और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। 1 अक्टूबर से शुरू हो रहे नए महीने में ग्रहों की स्थिति का असर अलग-अलग राशियों पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए समय कुछ सकारात्मक अवसर लेकर आ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों को कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी बढ़ने या करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत माने जा रहे हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते बन सकते हैं। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और कारोबार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों का फायदा मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के योग बन सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना रहेगी। निवेश से जुड़े फैसलों में सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव भाग्य और करियर से जुड़े मामलों में शुभ माना जा रहा है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं।

रूस के विमान अब भारत में बनेंगे! 50 विमानों की बड़ी डील

नई दिल्ली। भारत के एविएशन सेक्टर में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हाल ही में ओमकम एविएशन प्राइवेट लिमिटेड ने रूस की United Aircraft Corporation (UAC) के साथ 50 IL-114-300 यात्री विमानों को लेकर लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) किया है। कंपनी की योजना रूस से विमान मंगाने के साथ-साथ आगे चलकर भारत में ही इनके निर्माण की व्यवस्था खड़ी करने की है।

योजना के शुरुआती चरण में 6 विमान रूस से भारत लाए जाएंगे। इसके बाद देश में इन विमानों की असेंबली शुरू करने के लिए उत्पादन लाइन विकसित करने और तकनीक को भारत लाने पर काम किया जाएगा। कंपनी ने इस परियोजना के पहले चरण में करीब 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बताई है। भविष्य में परियोजना का विस्तार होने पर निवेश बढ़ सकता है।

छोटे शहरों के लिए उपयोगी हो सकता है विमान

IL-114-300 एक ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप विमान है, जिसमें करीब 66 से 68 यात्रियों के बैठने की क्षमता बताई जाती है। इसे क्षेत्रीय उड़ानों और अपेक्षाकृत छोटे रनवे वाले एयरपोर्ट के लिए डिजाइन किया गया है। भारत में क्षेत्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने की कोशिशों के बीच ऐसे विमान छोटे शहरों को आपस में जोड़ने में उपयोगी हो सकते हैं। इससे टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच सीधी उड़ानों की संभावनाएं बढ़ सकती हैं।

धीरे-धीरे बढ़ेगा घरेलू निर्माण

इस परियोजना में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर को अहम हिस्सा माना जा रहा है। शुरुआत में तैयार विमान भारत आएंगे, फिर असेंबली का काम शुरू करने और धीरे-धीरे ज्यादा पुर्जों का निर्माण देश में करने की योजना है। कंपनी का दीर्घकालिक लक्ष्य विमान के 100 फीसदी घरेलू निर्माण तक पहुंचना बताया गया है।

अगर योजना आगे बढ़ती है तो विमान निर्माण के साथ पार्ट्स, इंजीनियरिंग, रखरखाव और एविएशन सेवाओं से जुड़े कारोबार को भी नए अवसर मिल सकते हैं। केंद्र की ओर से भी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए ऐसे विमानों की उपयोगिता पर जोर दिया गया है।

पुरुषों के लिए जरूरी खबर! इस कारण रुक सकता है स्पर्म का बनना, जानें क्या है वजह

हेल्थ डेस्क। पुरुषों की प्रजनन क्षमता में स्पर्म की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। शरीर में स्पर्म बनने की प्रक्रिया कई हार्मोन और टेस्टिकल्स के सामान्य कामकाज पर निर्भर करती है। ऐसे में यदि हार्मोनल संतुलन बिगड़ जाए या टेस्टिकल्स से जुड़ी कोई समस्या हो, तो स्पर्म का उत्पादन काफी कम हो सकता है और कुछ मामलों में यह प्रक्रिया लगभग रुक भी सकती है।

हार्मोन में गड़बड़ी हो सकती है बड़ी वजह

स्पर्म बनने के लिए शरीर में टेस्टोस्टेरोन समेत कई हार्मोन का संतुलित स्तर जरूरी होता है। पिट्यूटरी ग्लैंड से निकलने वाले हार्मोन में कमी या गड़बड़ी होने पर टेस्टिकल्स को पर्याप्त संकेत नहीं मिल पाता। इसका असर स्पर्म प्रोडक्शन पर पड़ सकता है।

कुछ दवाओं और स्टेरॉयड का भी असर

मसल्स बढ़ाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनाबॉलिक स्टेरॉयड शरीर की प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ दवाएं भी कुछ पुरुषों में स्पर्म उत्पादन पर असर डाल सकती हैं। इसलिए ऐसी दवाओं का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।

संक्रमण और टेस्टिकल्स की समस्या

टेस्टिकल्स में संक्रमण, चोट, वैरिकोसील या अन्य चिकित्सकीय समस्याएं भी स्पर्म बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ मामलों में पहले की सर्जरी या अन्य उपचार का असर भी प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है।

समस्या होने पर जांच जरूरी

स्पर्म कम होने या न बनने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। केवल लक्षणों के आधार पर कारण तय नहीं किया जा सकता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार सीमन एनालिसिस, हार्मोन टेस्ट और अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। इसलिए लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही हो तो विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, जमीन-प्लॉट को लेकर 5 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में घर या भवन बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य में भवन निर्माण से जुड़े नियमों को आसान बनाने की तैयारी है। संशोधित बिहार बिल्डिंग बायलाज के प्रारूप को मंत्री समूह की समीक्षा के बाद अंतिम रूप दिया गया है। अब इसे राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।

30 दिन में फैसला नहीं तो नक्शा स्वीकृत

प्रस्तावित व्यवस्था में नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को समयबद्ध करने का प्रावधान है। आवेदन के 30 दिनों के भीतर निर्णय नहीं होने पर नक्शे को स्वीकृत मानने की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इससे लोगों को लंबे समय तक अनुमति का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

FAR बढ़ाने का मिलेगा विकल्प

नए प्रारूप में सामान्य FAR तीन रखने का प्रस्ताव है। जरूरत पड़ने पर तय सीमा के भीतर अतिरिक्त शुल्क देकर FAR बढ़ाने की सुविधा भी मिल सकती है। इससे प्लॉट के उपलब्ध क्षेत्र का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकेगा।

छोटे प्लॉट पर सेटबैक में राहत

10 मीटर तक चौड़े भूखंडों के लिए सेटबैक नियमों में राहत देने का प्रस्ताव है। इससे संकरे प्लॉट पर मकान बनाने वालों के लिए निर्माण की योजना तैयार करना आसान हो सकता है।

10 मीटर तक ऊंचे मकान में सेल्फ सर्टिफिकेशन

10 मीटर तक ऊंचे मकानों के लिए स्व-प्रमाणन की व्यवस्था प्रस्तावित है। इससे नक्शा मंजूरी की प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था में ऑनलाइन मिलेगा स्वीकृति प्रमाणपत्र

भवन का नक्शा ऑनलाइन पोर्टल पर जमा करने और निर्धारित शुल्क का भुगतान करने की व्यवस्था होगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वीकृति प्रमाणपत्र भी ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकेगा। हालांकि, इन बदलावों को लागू करने के लिए राज्य मंत्रिमंडल की अंतिम मंजूरी जरूरी होगी।

4 अक्टूबर को गजकेसरी राजयोग! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में लाभ

राशिफल। अक्टूबर की शुरुआत में ग्रहों की खास स्थिति बनने जा रही है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 4 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा के कर्क राशि में पहुंचने पर गुरु के साथ उसकी युति होगी, जिससे गजकेसरी योग का निर्माण माना जा रहा है। यह योग 6 अक्टूबर तक प्रभावी रहने की बात कही गई है। इस दौरान गुरु, मंगल और चंद्रमा की स्थिति से त्रिग्रही योग का भी उल्लेख किया गया है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए नौकरी और कारोबार में नए अवसर बनने की संभावना बताई गई है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। पुरानी साझेदारी से भी फायदा मिलने की उम्मीद जताई जाती है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। नई जिम्मेदारी या प्रोजेक्ट मिलने के साथ आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है। रिश्तों के लिहाज से भी समय सकारात्मक रह सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह अवधि करियर और आर्थिक मामलों में महत्वपूर्ण हो सकती है। पदोन्नति, प्रतियोगी परीक्षा या कारोबार से जुड़े अच्छे परिणाम मिलने के संकेत ज्योतिषीय गणना में बताए गए हैं।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों को अटके हुए आर्थिक मामलों में राहत मिलने की संभावना है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी का अवसर मिल सकता है। पुराने निवेश या रुके हुए पैसे से भी लाभ के संकेत बताए गए हैं।

UP के 4 जिलों को मिली बड़ी खुशखबरी! धरती के नीचे छिपा है बेशकीमती खजाना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ललितपुर, झांसी, महोबा और सोनभद्र के लिए खनिज संपदा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। इन जिलों के करीब 40 गांवों में खनिज संसाधनों के अन्वेषण और नए खनन ब्लॉकों के जरिए विकास की संभावनाएं बढ़ी हैं। खनन शुरू होने के बाद इससे मिलने वाले राजस्व का एक हिस्सा प्रभावित क्षेत्रों के विकास पर खर्च किया जाएगा।

गांवों के विकास पर खर्च होगी DMF की राशि

संशोधित नियमों के तहत जिला खनिज फाउंडेशन (DMF) की निधि का 70 प्रतिशत हिस्सा खनन प्रभावित क्षेत्रों में खर्च किए जाने का प्रावधान है। इस राशि से पेयजल, स्वास्थ्य, शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और पर्यावरण संरक्षण जैसे काम किए जा सकते हैं। बाकी राशि का इस्तेमाल बुनियादी ढांचे, सिंचाई और वैकल्पिक ऊर्जा से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है।

ललितपुर में फास्फोराइट का बड़ा भंडार

ललितपुर के पाहाड़ी कलां और गोरा कलां क्षेत्र में फास्फोराइट मिलने की संभावना सामने आई है। अन्वेषण रिपोर्ट के मुताबिक करीब 13.93 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में 1.909 करोड़ टन इन-सिटू खनिज संसाधन होने का अनुमान है। इसके दायरे में कई गांव शामिल हैं, जहां विकास की योजनाएं तैयार की जा रही हैं।

तीन परियोजनाओं से परमाणु खनिजों की खोज

वर्ष 2026-27 में ललितपुर, झांसी और सोनभद्र में भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। इसके अलावा राज्य विभाग की परियोजनाएं भी चल रही हैं। सोनभद्र में परमाणु खनिजों की संभावनाएं तलाशने के लिए तीन परियोजनाएं शुरू होने की जानकारी दी गई है।

खनिज संसाधनों का अन्वेषण आगे बढ़ने और नए ब्लॉकों में खनन शुरू होने पर संबंधित गांवों में बुनियादी सुविधाओं और रोजगार से जुड़े विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

1 अक्टूबर से रेलवे की सख्ती! यात्रियों को दिखाना होगा टिकट के साथ Original ID, जानें नियम

न्यूज डेस्क। त्योहारी सीजन को देखते हुए भारतीय रेलवे टिकट चेकिंग को लेकर सख्ती बढ़ाने जा रहा है। सेंट्रल रेलवे की ओर से 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक विशेष टिकट जांच अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान सिर्फ टिकट ही नहीं, बल्कि कुछ यात्रियों के पहचान पत्र और पात्रता से जुड़े दस्तावेज भी जांचे जाएंगे।

कंसेशन और विशेष कोटे पर खास नजर

रेलवे के अनुसार, कंसेशन या निर्धारित रिजर्वेशन कोटे के तहत टिकट लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने वाला ओरिजिनल ID या जरूरी दस्तावेज साथ रखना होगा। एक टिकट पर कई यात्री सफर कर रहे हैं तो कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित मूल पहचान पत्र होना जरूरी बताया गया है।

ई-पास या PTO से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी संबंधित मूल पहचान पत्र साथ रखना होगा। साथ ही यात्रा शुरू करने से पहले ई-पास/PTO की जरूरी प्रक्रिया पूरी कराना भी आवश्यक होगा।

अनारक्षित टिकट भी जांच के दायरे में

विशेष अभियान के दौरान अनारक्षित टिकटों की भी जांच की जाएगी। टिकट चेकिंग स्टाफ जरूरत पड़ने पर संबंधित डिजिटल सिस्टम या TTE ऐप के जरिए टिकट की वैधता की पुष्टि कर सकता है।

कौन-सी ID रख सकते हैं साथ?

यात्रा के दौरान पहचान के लिए आधार कार्ड, वोटर ID, पासपोर्ट, PAN कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, सरकार द्वारा जारी फोटो पहचान पत्र, मान्यता प्राप्त संस्थान का छात्र ID और फोटो वाली बैंक पासबुक जैसे निर्धारित दस्तावेज इस्तेमाल किए जा सकते हैं।

रेलवे का यह अभियान मुख्य रूप से फर्जी टिकट, गलत तरीके से लिए गए कंसेशन और रिजर्वेशन सुविधाओं के दुरुपयोग पर रोक लगाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। इसलिए अक्टूबर में ट्रेन से सफर करने वाले यात्री टिकट के साथ जरूरी ओरिजिनल दस्तावेज जरूर रखें।

खुशखबरी की सौगात! यूपी में 12वीं पास के लिए भर्ती शुरू, यहां देखें पूरी जानकारी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए काम की खबर है। हमीरपुर जिला कार्यक्रम कार्यालय की ओर से आंगनवाड़ी हेल्पर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती के तहत कुल 104 पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी निर्धारित तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

104 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती में आंगनवाड़ी हेल्पर के 104 पद शामिल हैं। नियुक्ति संविदा के आधार पर की जाएगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पद, योग्यता और अन्य शर्तों से जुड़ी जानकारी ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाती है।

12वीं पास करें आवेदन

आवेदन के लिए अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट यानी 12वीं या उसके समकक्ष योग्यता होना जरूरी बताया गया है। दिए गए विवरण के अनुसार पोस्ट ग्रेजुएट उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। यानी 12वीं पास युवाओं के लिए यह भर्ती नौकरी पाने का एक अवसर लेकर आई है।

उम्र कितनी होनी चाहिए?

आंगनवाड़ी हेल्पर पद के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम उम्र 35 साल निर्धारित है। उम्र की गणना और आरक्षित वर्गों को मिलने वाली छूट से जुड़ी जानकारी के लिए आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन जरूर देखें।

इस तारीख तक करें आवेदन

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 18 अक्टूबर 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। अंतिम तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए उम्मीदवार समय रहते प्रक्रिया पूरी कर लें।

ऑनलाइन होगा आवेदन पूरा 

आवेदन का माध्यम ऑनलाइन रखा गया है। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरणों को एक बार अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है।

अक्टूबर में 15 दिन बंद रहेंगे बैंक! घर से निकलने से पहले देख लें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। अक्टूबर का महीना त्योहारों से भरा रहने वाला है। दशहरा, दुर्गा पूजा समेत कई बड़े पर्व इसी महीने पड़ रहे हैं। इसके अलावा गांधी जयंती और अलग-अलग राज्यों में मनाए जाने वाले स्थानीय त्योहारों के कारण बैंक शाखाओं में कई दिनों तक कामकाज बंद रहेगा। हालांकि, इन छुट्टियों का असर पूरे देश में एक जैसा नहीं होगा। बैंक की छुट्टियां राज्य और शहर के हिसाब से अलग-अलग रहती हैं।

अक्टूबर 2026 में बैंक रविवार और दूसरे-चौथे शनिवार की नियमित छुट्टियों के अलावा कई क्षेत्रीय त्योहारों पर भी बंद रहेंगे। ऐसे में अगर आपको बैंक की शाखा में जाकर कोई जरूरी काम कराना है तो पहले छुट्टी की तारीख जरूर देख लें।

अक्टूबर में इन तारीखों पर बैंक रहेंगे बंद

2 अक्टूबर: महात्मा गांधी जयंती के कारण देशभर में बैंक बंद रहेंगे।

4 अक्टूबर: रविवार होने की वजह से पूरे देश में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

10 अक्टूबर: महीने का दूसरा शनिवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे।

11 अक्टूबर: रविवार की साप्ताहिक छुट्टी रहेगी।

17 अक्टूबर: त्रिपुरा के अगरतला में महा सप्तमी के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे।

18 अक्टूबर: रविवार होने के कारण देशभर में बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा।

19 अक्टूबर: दशहरा, महाष्टमी, महानवमी, आयुध पूजा और दुर्गा पूजा जैसे पर्वों के कारण कई राज्यों और बैंकिंग केंद्रों में छुट्टी रहेगी।

20 अक्टूबर: विजयादशमी, महानवमी, आयुध पूजा और दुर्गा पूजा के चलते कुछ राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

21 अक्टूबर: विजयादशमी और दुर्गा पूजा के अवसर पर कई बैंकिंग केंद्रों में अवकाश रहेगा।

22 और 23 अक्टूबर: सिक्किम में दुर्गा पूजा/दसाईं के कारण बैंक शाखाएं बंद रहेंगी।

24 अक्टूबर: महीने का चौथा शनिवार होने के कारण पूरे देश में बैंक बंद रहेंगे।

25 अक्टूबर: रविवार की वजह से देशभर में बैंक शाखाओं में छुट्टी रहेगी।

26 अक्टूबर: लक्ष्मी पूजा, एक्सेशन डे और महर्षि वाल्मीकि जयंती के कारण कुछ राज्यों में बैंक बंद रहेंगे।

29 अक्टूबर: हिमाचल प्रदेश में करवा चौथ के अवसर पर बैंक शाखाओं में अवकाश रहेगा।

31 अक्टूबर: गुजरात में सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती के कारण बैंक बंद रहेंगे।

इन तारीखों में कुछ छुट्टियां केवल विशेष राज्यों या शहरों के बैंकिंग केंद्रों पर लागू होंगी। इसलिए किसी खास दिन बैंक जाने से पहले अपने शहर की छुट्टी जरूर जांच लें।

छुट्टी में भी कर सकते हैं ऑनलाइन बैंकिंग

बैंक शाखा बंद होने का मतलब यह नहीं है कि सभी बैंकिंग सेवाएं रुक जाएंगी। ग्राहक इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं। पैसे ट्रांसफर करने, बिल भुगतान और कई दूसरे सामान्य काम ऑनलाइन किए जा सकते हैं।

हालांकि, KYC, दस्तावेज जमा करने या शाखा से जुड़े कुछ विशेष कामों के लिए बैंक खुलने का इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए अक्टूबर में बैंक से जुड़ा कोई जरूरी काम है तो छुट्टियों की तारीख पहले से देखकर अपनी योजना बनाना बेहतर रहेगा।

शनि अपने नक्षत्र में करेंगे प्रवेश! इन 4 राशियों के अटके काम होंगे पूरे, मिलेगी राहत

राशिफल। ज्योतिषीय के अनुसार 9 अक्टूबर 2026 को शनि नक्षत्र परिवर्तन करने जा रहे हैं। वर्तमान में रेवती नक्षत्र में स्थित शनि दोपहर 3:58 बजे उत्तराभाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत से जोड़कर देखा जाता है। शनि इस नक्षत्र में 8 फरवरी 2027 तक रहेंगे।

आपको बता दें की करीब 122 दिनों के इस गोचर का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय कुछ मामलों में सकारात्मक रह सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन रुके हुए कामों को आगे बढ़ाने का अवसर दे सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में धीरे-धीरे प्रगति होने के संकेत हैं। लंबे समय से चल रही किसी परेशानी का समाधान भी मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय करियर से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं, लेकिन मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना भी रहेगी। अटके हुए प्रोजेक्ट या जरूरी काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि शनि की राशियों में शामिल है। ऐसे में इस नक्षत्र परिवर्तन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आर्थिक मामलों में सुधार के अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से अटके काम पूरे होने की उम्मीद बन सकती है। नौकरी बदलने या नई जिम्मेदारी से जुड़े फैसलों में भी प्रगति हो सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह परिवर्तन नए अवसर लेकर आ सकता है। कामकाज में स्थिरता आने के साथ पुरानी परेशानियां कम होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।

आगरा से ग्वालियर तक बनेगा एक्सप्रेसवे, इन 3 राज्यों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। आगरा और ग्वालियर के बीच सफर को आसान और तेज बनाने के लिए 88 किलोमीटर लंबे छह लेन के ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना है। यह नया मार्ग उत्तर प्रदेश को राजस्थान और मध्य प्रदेश से बेहतर कनेक्टिविटी देगा। परियोजना पूरी होने के बाद आगरा से ग्वालियर की यात्रा का समय करीब एक घंटे तक आने की उम्मीद है।

मौजूदा मार्ग पर आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने के कारण कई जगह जाम की समस्या रहती है। नया एक्सप्रेसवे इन इलाकों को बायपास करते हुए यात्रा को सुगम बनाने में मदद करेगा। इससे ईंधन और समय दोनों की बचत होने की संभावना है। प्रस्तावित मार्ग से आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी भी करीब 33 किलोमीटर कम हो जाएगी।

चंबल नदी पर बनेगा लंबा पुल

इस परियोजना की खास बात चंबल नदी पर प्रस्तावित करीब 1600 मीटर लंबा पुल है। एक्सप्रेसवे आगरा के अलावा राजस्थान के धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना क्षेत्र से होकर गुजरेगा। मार्ग के निर्माण से इन क्षेत्रों के बीच परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।

आगरा के 15 गांवों की जमीन होगी शामिल

आगरा जिले में एक्सप्रेसवे करीब 22 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। इसके लिए सदर, फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील के 15 गांवों की लगभग 117.83 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित किए जाने की योजना है। एक्सप्रेसवे को ऊंचाई पर बनाने का प्रस्ताव है और सुरक्षा के लिए किनारों पर दीवार भी बनाई जाएगी, ताकि पशु सीधे सड़क पर न पहुंच सकें।

परियोजना में 47 पुलिया, चार छोटे और पांच बड़े पुल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। ग्वालियर क्षेत्र में इसे मौजूदा हाईवे से जोड़ने की योजना है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद आगरा-ग्वालियर के बीच आवागमन पहले की तुलना में तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की पेंशन योजना, छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नेशनल पेंशन स्कीम फॉर ट्रेडर्स छोटे दुकानदारों, खुदरा व्यापारियों और स्वरोजगार करने वाले लोगों को भविष्य की आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। योजना के तहत पात्र कारोबारी नियमित योगदान करके 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने 3,000 रुपये तक की पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

इस योजना के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ भी नहीं ले रहा होना चाहिए। इसके अलावा कारोबारी का वार्षिक टर्नओवर निर्धारित सीमा के भीतर होना जरूरी है।

उम्र के हिसाब से देना होगा योगदान

योजना में मासिक योगदान आवेदक की उम्र के आधार पर तय होता है। पात्र कारोबारी को लगभग 55 रुपये से 200 रुपये प्रति माह तक योगदान करना पड़ सकता है। बैंक खाते से ऑटो-डेबिट की सुविधा लेकर हर महीने की राशि स्वतः जमा कराई जा सकती है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन 

आवेदन के लिए नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर जाकर ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। ऑनलाइन आवेदन के लिए maandhan.in पोर्टल पर सेल्फ एनरोलमेंट का विकल्प उपलब्ध है। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए सत्यापन के बाद आधार, बैंक खाते और अन्य जरूरी जानकारी भरनी होती है।

योजना के अनुसार, लाभार्थी की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी को निर्धारित पेंशन का 50 फीसदी हिस्सा मिलने का प्रावधान है। आवेदन करने से पहले पात्रता और नियमों की आधिकारिक जानकारी जरूर जांच लें।

बिहार में मुखिया चुनाव को लेकर बड़ी खबर, जानें पूरी डिटेल्स

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर फिलहाल तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। राज्य में पंचायतों और वार्डों के परिसीमन का काम चलने के कारण त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समय पर कराने में देरी की स्थिति बन रही है। नई व्यवस्था के तहत पंचायतों की सीमाओं और वार्डों के ढांचे में बदलाव किया जाना है।

बताया जा रहा है कि करीब 7,500 की आबादी को आधार मानकर इसबार बिहार में नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। परिसीमन पूरा होने के बाद पंचायत और वार्ड स्तर पर कई सीटों की स्थिति बदल सकती है।

नए आरक्षण रोस्टर पर होगा चुनाव

इस बार पंचायत चुनाव में नया आरक्षण रोस्टर लागू किया जाना है। पदवार आरक्षण के तीसरे चक्र के तहत सीटों का निर्धारण होगा। ऐसे में जिन पदों पर लगातार दो चुनावों से आरक्षण लागू रहा है, वहां इस बार बदलाव की संभावना रहेगी।

पिछड़े वर्ग के आरक्षण को लेकर गठित समर्पित आयोग की रिपोर्ट और उससे जुड़ी जरूरी सरकारी प्रक्रियाएं भी पूरी की जानी हैं। परिसीमन, आपत्तियों के निपटारे और आरक्षण रोस्टर को अंतिम रूप देने में समय लग रहा है।

2027 में चुनाव कराने की तैयारी

इन सभी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद ही चुनाव कार्यक्रम आगे बढ़ सकेगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अब पंचायत चुनाव 2027 में कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे मुखिया, वार्ड सदस्य और अन्य पंचायत पदों के लिए चुनाव की तैयारी कर रहे संभावित उम्मीदवारों का इंतजार बढ़ सकता है। हालांकि अंतिम चुनाव कार्यक्रम और तारीखों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार रहेगा।

रूस का बड़ा ऐलान, चीन की उड़ी नींद, भारत खुश!

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की मांग को रूस ने एक बार फिर समर्थन दिया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने सुरक्षा परिषद में एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका की बेहतर भागीदारी की जरूरत बताई। उन्होंने भारत और ब्राजील को स्थायी सदस्य बनाने के पक्ष में बात रखी।

रूस ने इसके साथ ही अतिरिक्त स्थायी सीटों में पश्चिमी देशों की हिस्सेदारी बढ़ाने का विरोध किया। लावरोव ने खास तौर पर जर्मनी और जापान की दावेदारी पर आपत्ति जताई। रूस का कहना है कि सुरक्षा परिषद में सुधार ऐसा होना चाहिए जिससे दुनिया के उन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व बढ़े, जो मौजूदा व्यवस्था में अपेक्षाकृत कम प्रतिनिधित्व रखते हैं।

UNSC में भारत की दावेदारी क्या है?

वर्तमान में सुरक्षा परिषद में 15 सदस्य हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस पांच स्थायी सदस्य हैं और इनके पास वीटो अधिकार है। बाकी 10 सदस्य अस्थायी होते हैं और उनका कार्यकाल दो वर्ष का होता है।

भारत लंबे समय से सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता के लिए सुधार की मांग करता रहा है। भारत का तर्क है कि मौजूदा परिषद की संरचना आज की वैश्विक राजनीतिक, आर्थिक और जनसंख्या संबंधी वास्तविकताओं को पूरी तरह नहीं दर्शाती।

रूस के समर्थन का महत्व

रूस पहले भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के विस्तार और भारत की स्थायी सदस्यता की मांग का समर्थन करता रहा है। इसी महीने क्रेमलिन ने भी कहा था कि सुरक्षा परिषद में नए स्थायी सदस्यों को शामिल किया जाना चाहिए, हालांकि रूस मौजूदा वीटो व्यवस्था को बनाए रखने के पक्ष में है।

हालांकि रूस का समर्थन अपने आप में भारत को स्थायी सीट नहीं दिलाता। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच व्यापक सहमति और सुरक्षा परिषद सुधार की औपचारिक प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है।

ITBP में 126 पदों पर भर्ती का ऐलान! युवाओं के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) ने स्पोर्ट्स कोटा के तहत कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) के 126 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती योग्य खिलाड़ियों के लिए है और पद ग्रुप-C श्रेणी के तहत हैं।

आपको बता दें की इस भर्ती से जुड़ा विज्ञापन Employment News के 3 से 9 अक्टूबर 2026 के अंक में प्रकाशित किया गया है। इसमें भारतीय नागरिकों के साथ नेपाल और भूटान के नागरिकों के लिए भी पात्रता का प्रावधान बताया गया है।

कितना मिलेगा वेतन?

इन पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को पे लेवल-3 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। वेतनमान 21,700 रुपये से 69,100 रुपये तक है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी और उम्मीदवारों को भर्ती से जुड़ी शर्तों को ध्यान से पढ़कर आवेदन करना होगा।

खिलाड़ियों के लिए खास मौका

यह भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के तहत हो रही है, इसलिए संबंधित खेल में निर्धारित उपलब्धियां रखने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। भर्ती की विस्तृत पात्रता, खेलों से संबंधित शर्तें, आवेदन की तारीख और चयन प्रक्रिया की जानकारी ITBP की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी।

अभ्यर्थी आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लें।

थायरॉयड कैंसर के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये बदलाव तो न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। थायरॉयड गले के सामने मौजूद एक छोटी ग्रंथि है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म समेत कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। थायरॉयड में कोशिकाओं की असामान्य वृद्धि होने पर कैंसर विकसित हो सकता है। इसके शुरुआती लक्षण कई बार सामान्य समस्याओं जैसे लगते हैं, इसलिए शरीर में लंबे समय तक बने रहने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. गले में गांठ या सूजन: गर्दन के सामने अचानक गांठ महसूस होना थायरॉयड कैंसर का एक संभावित संकेत हो सकता है। हर गांठ कैंसर नहीं होती, लेकिन नई या बढ़ती हुई गांठ की जांच कराना जरूरी है।

2. आवाज में बदलाव: बिना किसी स्पष्ट कारण के लंबे समय तक आवाज में भारीपन या खराश रहना भी चेतावनी संकेत हो सकता है। खासकर जब यह समस्या लगातार बनी रहे।

3. निगलने में परेशानी: खाना या पानी निगलने में दिक्कत होना अथवा गले में कुछ अटका हुआ महसूस होना थायरॉयड की समस्या से जुड़ा हो सकता है।

4. सांस लेने में परेशानी: गर्दन में बढ़ी हुई गांठ या सूजन कभी-कभी सांस की नली पर दबाव डाल सकती है, जिससे सांस लेने में परेशानी महसूस हो सकती है।

5. गर्दन में लगातार दर्द या सूजन: गर्दन के सामने या आसपास लगातार दर्द, सूजन या असहजता को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए, खासकर यदि इसके साथ गांठ भी महसूस हो।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई लक्षण दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को थायरॉयड कैंसर ही है। इनमें से कई समस्याएं अन्य सामान्य कारणों से भी हो सकती हैं। लेकिन यदि गर्दन में गांठ तेजी से बढ़ रही हो, आवाज में लगातार बदलाव हो, निगलने या सांस लेने में परेशानी हो रही हो, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच, अल्ट्रासाउंड और अन्य परीक्षणों की सलाह दे सकते हैं।

2 अक्टूबर को केंद्र दृष्टि राजयोग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिल सकते हैं शुभ परिणाम

राशिफल। 2 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन बुध और मंगल के बीच केंद्र दृष्टि योग बनने जा रहा है। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है, जबकि मंगल साहस, ऊर्जा और पराक्रम से जुड़े ग्रह हैं। इन दोनों ग्रहों का यह संयोग कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग कारोबार और आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर ला सकता है। व्यापार करने वालों को नई डील या प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को भी काम में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की उम्मीद बन सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बुध और मंगल का यह प्रभाव करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। कारोबारियों के लिए भी नई योजनाओं पर काम शुरू करने का समय अनुकूल रह सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि मंगल की राशि मानी जाती है। ऐसे में इस योग का प्रभाव जातकों के आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता पर पड़ सकता है। नए काम की शुरुआत करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी लाभ के रास्ते खुलने की संभावना है। निवेश से जुड़े फैसलों में सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह योग संपत्ति और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे सकता है। जमीन, मकान या वाहन से जुड़े मामलों में प्रगति हो सकती है। कारोबार के सिलसिले में दूर स्थान या विदेश से जुड़े अवसर भी सामने आ सकते हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है।