यूपी सरकार का बड़ा फैसला, गांव-गांव के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों में रहने वाले युवाओं के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की योजना को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है। इस मामले को लेकर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर और विभागीय अधिकारियों के बीच चल रहा विवाद अब खत्म हो गया है। मुख्यमंत्री कार्यालय ने संबंधित फाइल वापस भेज दी है और जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

गुरुवार को होगी अहम बैठक

डिजिटल पुस्तकालयों का काम शुरू कराने को लेकर पंचायती राज मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव की गुरुवार को बैठक प्रस्तावित है। इसमें सबसे अहम चर्चा इस बात पर होगी कि पुस्तकालयों के लिए कंप्यूटर, फर्नीचर और प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों की खरीद किस सरकारी संस्था के माध्यम से कराई जाए।

मंत्री ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, बैठक में कार्यदायी संस्था के चयन पर फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में काम करने वाली राज्य सरकार की संस्थाओं से भी इस संदर्भ में बातचीत की जा रही है।

454 करोड़ रुपये की है योजना

ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित करने की इस योजना पर करीब 454 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मंत्री के मुताबिक, पुस्तकालयों की स्थापना का काम विधानसभा चुनाव से पहले पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया है। इससे गांवों के छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई के लिए बेहतर संसाधन मिल सकेंगे।

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