मौजूदा मार्ग पर आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरने के कारण कई जगह जाम की समस्या रहती है। नया एक्सप्रेसवे इन इलाकों को बायपास करते हुए यात्रा को सुगम बनाने में मदद करेगा। इससे ईंधन और समय दोनों की बचत होने की संभावना है। प्रस्तावित मार्ग से आगरा और ग्वालियर के बीच की दूरी भी करीब 33 किलोमीटर कम हो जाएगी।
चंबल नदी पर बनेगा लंबा पुल
इस परियोजना की खास बात चंबल नदी पर प्रस्तावित करीब 1600 मीटर लंबा पुल है। एक्सप्रेसवे आगरा के अलावा राजस्थान के धौलपुर और मध्य प्रदेश के मुरैना क्षेत्र से होकर गुजरेगा। मार्ग के निर्माण से इन क्षेत्रों के बीच परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।
आगरा के 15 गांवों की जमीन होगी शामिल
आगरा जिले में एक्सप्रेसवे करीब 22 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित है। इसके लिए सदर, फतेहाबाद और खेरागढ़ तहसील के 15 गांवों की लगभग 117.83 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित किए जाने की योजना है। एक्सप्रेसवे को ऊंचाई पर बनाने का प्रस्ताव है और सुरक्षा के लिए किनारों पर दीवार भी बनाई जाएगी, ताकि पशु सीधे सड़क पर न पहुंच सकें।
परियोजना में 47 पुलिया, चार छोटे और पांच बड़े पुल बनाए जाने का भी प्रस्ताव है। ग्वालियर क्षेत्र में इसे मौजूदा हाईवे से जोड़ने की योजना है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद आगरा-ग्वालियर के बीच आवागमन पहले की तुलना में तेज और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

0 comments:
Post a Comment