हार्मोन में गड़बड़ी हो सकती है बड़ी वजह
स्पर्म बनने के लिए शरीर में टेस्टोस्टेरोन समेत कई हार्मोन का संतुलित स्तर जरूरी होता है। पिट्यूटरी ग्लैंड से निकलने वाले हार्मोन में कमी या गड़बड़ी होने पर टेस्टिकल्स को पर्याप्त संकेत नहीं मिल पाता। इसका असर स्पर्म प्रोडक्शन पर पड़ सकता है।
कुछ दवाओं और स्टेरॉयड का भी असर
मसल्स बढ़ाने के लिए बिना डॉक्टर की सलाह लिए इस्तेमाल किए जाने वाले एनाबॉलिक स्टेरॉयड शरीर की प्राकृतिक टेस्टोस्टेरोन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। इसके अलावा कुछ दवाएं भी कुछ पुरुषों में स्पर्म उत्पादन पर असर डाल सकती हैं। इसलिए ऐसी दवाओं का इस्तेमाल विशेषज्ञ की सलाह से ही करना चाहिए।
संक्रमण और टेस्टिकल्स की समस्या
टेस्टिकल्स में संक्रमण, चोट, वैरिकोसील या अन्य चिकित्सकीय समस्याएं भी स्पर्म बनने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ मामलों में पहले की सर्जरी या अन्य उपचार का असर भी प्रजनन क्षमता पर पड़ सकता है।
समस्या होने पर जांच जरूरी
स्पर्म कम होने या न बनने के पीछे कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं। केवल लक्षणों के आधार पर कारण तय नहीं किया जा सकता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार सीमन एनालिसिस, हार्मोन टेस्ट और अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। इसलिए लंबे समय से गर्भधारण में परेशानी हो रही हो तो विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।
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