यूपी सरकार का फैसला, 60 जिलों में लागू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। प्रदेश में आने वाले पर्यटकों की संख्या और पर्यटन से होने वाले आर्थिक असर का बेहतर आकलन करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने दिसंबर से AI आधारित पर्यटक गणना शुरू करने का लक्ष्य रखा है।

नवंबर तक तैयार होगी व्यवस्था

पर्यटन विभाग को निर्देश दिया गया है कि AI आधारित पर्यटक गणना प्रणाली 15 नवंबर तक तैयार कर ली जाए, ताकि दिसंबर से इसका इस्तेमाल शुरू किया जा सके। इसके लिए प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर नाइट विजन कैमरे लगाने की योजना है।

इसके साथ ही प्रदेश के रेस्टोरेंट, ढाबे और अन्य पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों का डेटा भी जुटाया जाएगा। विभाग के 14 पर्यटन सर्किट में पर्यटकों की संख्या और उनकी गतिविधियों को लेकर तथ्यात्मक आंकड़े तैयार किए जाएंगे।

पर्यटन से जुड़े निवेश पर भी नजर

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2023 से अब तक होटल, बजट आवास, रिसॉर्ट और अन्य पर्यटन कारोबार से जुड़े 44,240 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। होटल निर्माण की गतिविधियों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

पर्यटन के आर्थिक प्रभाव को समझने के लिए GST के तहत आवास, फूड सर्विस और वाहन किराये समेत 51 सेवा श्रेणियों के आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

चार पर्यटन स्थलों के आधार पर होगा आकलन

अधिकारियों ने कहा कि किसी जिले में पर्यटकों की संख्या का आकलन केवल एक प्रमुख धार्मिक स्थल के आधार पर नहीं होना चाहिए। अलग-अलग प्रकार के पर्यटन आकर्षण वाले कम से कम चार स्थलों को इसमें शामिल करने की बात कही गई है।

बैठक में अयोध्या समेत अन्य पर्यटन स्थलों पर बढ़ती पर्यटक गतिविधियों से पैदा होने वाले कारोबारी अवसरों का भी अध्ययन करने पर जोर दिया गया। साथ ही बाबा नीब करौरी सर्किट और कालिंजर किले को पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत करने की योजनाओं पर चर्चा हुई।

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